देश में पहली बार जल निकायों की राष्ट्रीय गणना पूरी, पश्चिम बंगाल शीर्ष पर

भारत में पहली बार जल निकायों की राष्ट्रीय जनगणना सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य देश भर में मौजूद तालाबों, झीलों, जलाशयों, पोखरों और अन्य प्राकृतिक व कृत्रिम जल स्रोतों की सटीक पहचान और दस्तावेजीकरण करना है।
इस जनगणना के अनुसार, पश्चिम बंगाल में देश के सबसे अधिक जल निकाय पाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य की भौगोलिक संरचना, नदी-नालों का विस्तृत जाल और पारंपरिक तालाब संस्कृति इसके प्रमुख कारण हैं।
सरकार का कहना है कि इस डेटा से जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन, सिंचाई योजनाओं, मत्स्य पालन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और सूखा-प्रबंधन की रणनीति तैयार करने में भी यह जनगणना अहम भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पहली बार तैयार हुआ यह राष्ट्रीय डेटाबेस भविष्य में राज्यों और केंद्र सरकार को जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और संरक्षण के लिए ठोस नीतियाँ बनाने में सक्षम करेगा।




