
लोकेशन: रायपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए 14 मार्च को प्रदेशभर की अदालतों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते के आधार पर हजारों मामलों का निपटारा किया जाएगा, जिससे लोगों को जल्द न्याय मिलने के साथ ही अदालतों में लंबित प्रकरणों का बोझ भी कम होगा।
विस्तार:
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के सभी जिला न्यायालयों, तहसील न्यायालयों और विभिन्न न्यायिक मंचों पर नेशनल लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इस लोक अदालत में आपसी समझौते से सुलझने योग्य मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

लोक अदालत के माध्यम से बैंक ऋण विवाद, बिजली बिल से जुड़े मामले, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, श्रम विवाद, राजस्व और अन्य दीवानी मामलों का निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन यानी अदालत में दर्ज होने से पहले के मामलों का भी आपसी सहमति से समाधान कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार लोक अदालत में मामलों के निपटारे के लिए दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होती है। यहां होने वाले समझौते को न्यायालय की डिक्री के समान मान्यता मिलती है और इसके खिलाफ अपील भी नहीं की जा सकती। इससे पक्षकारों का समय और पैसा दोनों बचता है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि जिनके मामले समझौते योग्य हैं, वे लोक अदालत में शामिल होकर अपने विवाद का शांतिपूर्ण समाधान करें। इससे न्याय प्रक्रिया सरल, सुलभ और त्वरित बन सकेगी।




