कोंडागांव में वन विभाग के नए अध्याय की शुरुआत — वनमंत्री केदार कश्यप ने किया वनमंडल कार्यालय भवन का भूमिपूजन, बोले- ग्रामीण विकास से जुड़ा हर कदम सरकार की प्राथमिकता

कोंडागांव में वन विभाग के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब वनमंत्री केदार कश्यप ने वनमंडल कोंडागांव के नवीन कार्यालय भवन निर्माण का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेण्डी कार्यक्रम की अध्यक्ष रहीं। मंत्री ने कहा कि नए भवन से वन विभाग के कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा कर्मचारियों का मनोबल भी ऊँचा होगा।
कोंडागांव के वनमंडल के लिए आज का दिन विकास की नई दिशा तय करने वाला साबित हुआ। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने यहाँ वनमंडल के नवीन कार्यालय भवन निर्माण का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेण्डी अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
वनमंत्री का संबोधन — “वन विभाग ग्रामीण समृद्धि का केंद्र है”
अपने संबोधन में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वनमंडल कार्यालय का यह बहुप्रतीक्षित भवन लंबे समय से विभाग की आवश्यकता थी। भवन बनने से वन कर्मचारियों को कार्य संपादन में सुविधा मिलेगी और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग केवल वृक्षारोपण का नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका और आत्मनिर्भरता का माध्यम है।
मंत्री ने जानकारी दी कि कोंडागांव वनमंडल द्वारा 7.62 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसके तहत मर्दापाल में देवगुड़ी दरबार और पुसपाल में ईको-टूरिज्म व रिवर-राफ्टिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य किया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य में भी नया आयाम जुड़ेगा।
वन अपराध रोकथाम और ग्रामीण सहभागिता पर जोर
मंत्री कश्यप ने वन क्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों और आम जनता से अपील की कि वन संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं, ताकि प्राकृतिक संपदा और आजीविका दोनों सुरक्षित रह सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि विगत दो वर्षों में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को आयमूलक और रोजगारमूलक गतिविधियों से जोड़ा गया है।
स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा कोदो, कुटकी, रागी जैसी मिलेट फसलों का संग्रहण और प्रसंस्करण किया जा रहा है, जिससे 714.38 क्विंटल मिलेट्स का उत्पादन और भंडारण हुआ है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहा है।
वनौषधि और प्रसंस्करण के नए प्रकल्प
वनमंडल कोंडागांव में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में तिखुर का वृक्षारोपण किया गया है। साथ ही राज्य शासन की योजना के तहत पिछले वर्ष 500 हेक्टेयर वनौषधि रोपण कार्य भी पूरा किया गया है।
आने वाले समय में विभाग इमली ब्रिक्स, इमली कैण्डी, और तिखुर प्रसंस्करण के माध्यम से स्थानीय समूहों को अधिक आय का साधन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
विधायक लता उसेण्डी का वक्तव्य — “विकास संसाधनों से ही संभव”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक लता उसेण्डी ने कहा कि कई बार संसाधनों की कमी से योजनाएं अधूरी रह जाती हैं, लेकिन अब कोंडागांव को नया आयाम देने की दिशा में वन विभाग के माध्यम से ठोस कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह भवन न सिर्फ विभाग के लिए बल्कि क्षेत्र के विकास का प्रतीक बनेगा।
उन्होंने वन विभाग के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
भूमिपूजन के पश्चात वनमंडलाधिकारी, कोंडागांव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राज्य सरकार की इस पहल को ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए मील का पत्थर बताया।




