छत्तीसगढ़: कॉलेज‑विश्वविद्यालयों में आवारा कुत्तों पर कड़ी निगरानी के नए दिशा‑निर्देश लागू

रायपुर, 15 दिसंबर 2025:
छत्तीसगढ़ सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं के नियंत्रण के लिए सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश 15 दिसंबर 2025 को रायपुर से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी शासकीय तथा निजी महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों को जारी किया गया है।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में आवारा जानवरों से सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया था।
क्या नया है?
13‑बिंदु गाइडलाइन जारी: सभी कॉलेज/विश्वविद्यालय परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश, निगरानी और नियंत्रण के विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।
नोडल अधिकारी की नियुक्ति: हर कॉलेज/विश्वविद्यालय में प्रोफेसर या सहायक प्रोफेसर को नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त करना अनिवार्य होगा। ये अधिकारी स्थानीय प्रशासन, नगर निगम/पालिका से समन्वय रखेंगे और किसी भी आवारा कुत्ते से जुड़ी घटना की रिपोर्ट करेंगे।
संपर्क विवरण का प्रदर्शन: कैंपस में **नोडल अधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर तथा राज्य हेल्पलाइन 1100 की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी और उसकी फोटो विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
खाद्य सामग्री पर रोक: सभी कॉलेजों/विश्वविद्यालयों में खुले में भोजन या खाने‑पीने की चीजें नहीं रखी जा सकेंगी, ताकि कुत्तों को आकर्षित होने से रोका जा सके।
सुरक्षा और जागरूकता: परिसरों की चारदीवारी/बाउंड्रीवॉल मजबूत करने, फर्स्ट‑एड किट उपलब्ध कराने, तथा छात्रों और कर्मचारियों के लिए कुत्तों से बचाव और आपात स्थिति में क्या करना है, इस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या इसका उद्देश्य है?
इस आदेश का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता, सुरक्षा और छात्रों–कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे संभावित कुत्ता हमलों, दुर्घटनाओं और उनसे जुड़ी अप्रिय स्थितियों को रोकने की उम्मीद है।
संकेत: यह आदेश स्कूल परिसरों में पहले जारी नियमों का विस्तार है, जहाँ भी पहले आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए थे और अब वही दिशा‑निर्देश उच्च शिक्षा संस्थानों तक बढ़ा दिए गए हैं।




