
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले (लिकर स्कैम) में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है।
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में आठवां आरोप पत्र (चार्जशीट) विशेष न्यायालय में दाखिल किया है।
इस चार्जशीट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के सिंडिकेट का प्रमुख हैंडलर बताया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि चैतन्य बघेल इस अवैध नेटवर्क के संचालन और पैसों के लेन-देन में अहम भूमिका निभा रहे थे।

EOW/ACB के अनुसार, यह पूरा घोटाला राज्य के आबकारी विभाग (Excise Department) से जुड़ा हुआ है, जहां नियमों को ताक पर रखकर सरकारी शराब की बिक्री, कमीशन और अवैध वसूली का एक संगठित नेटवर्क बनाया गया था।
इस नेटवर्क के जरिए सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ, जबकि सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की।
जांच एजेंसियों का यह भी कहना है कि घोटाले से अर्जित राशि को शेल कंपनियों, बिचौलियों और विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर किया गया, ताकि असली लाभार्थियों तक पहुंच सके।
अब आठवीं चार्जशीट दाखिल होने के बाद कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।
वहीं, इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बता रहा है, वहीं कांग्रेस की ओर से आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया जा रहा है।
फिलहाल, विशेष अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।




