अर्थशास्त्र
OECD रिपोर्ट: भारत 2025‑26 में विश्व की शीर्ष विकास दर वाला देश बना रहेगा — घरेलू मांग और नीतिगत सुधारों से गति

पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) की ताज़ा Economic Outlook रिपोर्ट के अनुसार भारत **वित्तीय वर्ष 2025‑26 में लगभग 6.7% की GDP वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
क्या कहा रिपोर्ट ने?
- OECD ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान पहले के लगभग 6.3% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है, जो वैश्विक औसत वृद्धि दर से काफी ऊपर है।
- रिपोर्ट के अनुसार यह वृद्धि मजबूत घरेलू मांग, निजी उपभोग, निवेश और सरकार के पूंजीगत खर्च के कारण संभव हो रही है।
- GST सुधारों, महंगाई में कमी और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी ने भी आर्थिक गतिविधियों को समर्थन दिया है।
वैश्विक तुलना:
- OECD के अनुसार भारत न केवल उभारती अर्थव्यवस्थाओं में आगे है, बल्कि इसकी वृद्धि दर विकसित देशों की औसत से कई गुना अधिक है, जहाँ वैश्विक वृद्धि दर लगभग 3% होने का अनुमान है।
- अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में धीमी वृद्धि दिखाई दे रही है, जबकि भारत का घरेलू बाजार मजबूत बना हुआ है।
रिपोर्ट में संभावित चुनौतियाँ:
रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि बढ़े हुए व्यापार शुल्क (टैरिफ) और कुछ वैश्विक सप्लाई‑चेन व्यवधानों का निर्यात पर असर पड़ सकता है, हालांकि इसका कुल प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों की राय:
वित्तीय विश्लेषकों का कहना है कि भारत की वृद्धि की मजबूती का श्रेय बाजार सुधारों, वित्तीय समावेशन, नियामक ढांचे में सुधार और युवा जनसांख्यिकी को दिया जा रहा है। साथ ही सेवा क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन भी GDP को ऊपर खींच रहा है।
भारत के लिए संकेत:
- मजबूत घरेलू मांग अर्थव्यवस्था के स्थिर विकास को दर्शाती है।
- यह OECD रिपोर्ट भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करती है।
- हालांकि वैश्विक अनिश्चितताएँ बनी हुई हैं, भारत की वृद्धि की दिशा सकारात्मक बनी रहने की उम्मीद है।




