होली की संध्या पर अकलतरा में सजा हास्य कवि सम्मेलन, कवियों ने बांधा समां

रिपोर्टर :मयंक
लोकेशन :अकलतरा
अकलतरा में होली की संध्या इस बार कविता और हास्य के रंगों से सराबोर नजर आई। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सामाजिक संस्था “पहल” के तत्वाधान में नगर के शास्त्री चौक में भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से देर रात तक श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।
होली के मौके पर आयोजित इस विशेष कवि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि और गीतकार मीर अली मीर, अकलतरा के हास्य कवि बंशीधर मिश्रा, मध्यप्रदेश से आए शशिकांत यादव, मयंक शर्मा, सोम प्रभा नूर, भरत द्विवेदी और राजेश उर्मिल ने मंच संभाला।


कार्यक्रम की शुरुआत कवियों की प्रस्तुतियों से हुई, जहां मीर अली मीर ने अपने चर्चित गीत “नंदा जाहि का रे…” सहित कई रचनाएं सुनाकर पूरे माहौल को काव्यमय बना दिया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
वहीं हास्य कवि बंशीधर मिश्रा ने अपनी व्यंग्य और हास्य से भरपूर कविताओं से लोगों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। मध्यप्रदेश से आए कवि शशिकांत यादव ने वीर रस की कविताओं के माध्यम से श्रोताओं में जोश भरते हुए एकता का संदेश दिया।
इसके अलावा राजेश उर्मिल, मयंक शर्मा, सोम प्रभा नूर और भरत द्विवेदी ने भी अपनी कविताओं से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में नगरवासियों ने हिस्सा लिया और कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद उठाया।
कार्यक्रम में अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह और लक्ष्मण मुकीम सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, माताएं, बहनें, युवा और वरिष्ठजन मौजूद रहे।सभी ने कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।





