कलेक्टर के निर्देश पर जिले में चल रहा है विशेष कुष्ठ खोज अभियान—1200 सर्वे टीम तैनात

लोकेशन – जांजगीर-चांपा
रिपोर्टर – दीपक यादव
जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में 08 से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान (Leprosy Case Detection Campaign – LCDC) शुरू कर दिया है।
अभियान का उद्देश्य—जिले के सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कुष्ठ रोगियों की प्रारंभिक पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना और संक्रमण की श्रृंखला को रोकना है।
कलेक्टर ने दी कड़ी मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक लेकर सभी स्वास्थ्य अधिकारियों व सर्वे टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए कि—
घर-घर जाकर जांच की जाए
संदिग्ध मरीजों की तुरंत पुष्टि कराई जाए
जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जाए
बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर आर. के. तंबोली सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
1200 सर्वे टीम तैनात—घर-घर होगा सर्वेक्षण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उमेश मरकाम ने बताया—
ग्रामीण क्षेत्र में रोज़ 15–20 घर,
शहरी क्षेत्र में 20–25 घर सर्वे किए जाएंगे।
प्रत्येक घर पर गेरू से टिक मार्क व तारीख का चिन्ह लगाया जाएगा।
संदिग्ध मरीजों की जांच ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (NMAs) करेंगे और मेडिकल ऑफिसर से पुष्टि कराई जाएगी।
पुष्टि होने पर मरीजों को MDT दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
सर्वे डेटा को नियमित रूप से निकुष्ठ 2.0 पोर्टल में दर्ज किया जाएगा।
अभियान के लिए सभी ब्लॉकों में प्रशिक्षण पूरा
जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी ने बताया—
3 से 6 दिसंबर तक जिला, ब्लॉक और सभी उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर प्रशिक्षण संपन्न किया गया।
जिले में कुल 1200 सर्वे टीम सक्रिय हैं—
अकलतरा: 212
बलौदा: 195
बम्हनीडीह: 254
नवागढ़: 295
पामगढ़: 201
जांजगीर शहरी: 43
जिला अभी भी हाई-एंडेमिक श्रेणी में
एन.एम.ए. के.के. थवाईत ने बताया कि शासन का लक्ष्य प्रति 10 हजार आबादी में 1 या उससे कम नए कुष्ठ मरीज की पहचान का है।
जांजगीर-चांपा जिला अभी भी हाई-एंडेमिक श्रेणी में है, इसलिए यह अभियान बेहद आवश्यक है।




