सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बोर्ड ऑफ विजिटर्स का जिला जेल जांजगीर में औचक निरीक्षण—बंदियों की सुविधा, सुरक्षा और लीगल एड व्यवस्था की की गई व्यापक समीक्षा

जांजगीर-चांपा
उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (सिविल) क्रमांक 1404/2023 सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिए गए निर्देशों के पालन में आज 12 दिसंबर 2025 को बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जिला जेल जांजगीर का विस्तृत निरीक्षण किया। यह निरीक्षण बंदियों की कानूनी सहायता, सुविधाओं और जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया था।
निरीक्षण टीम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शक्ति सिंह राजपूत, सचिव डीएलएसए मनोज कुमार कुशवाहा, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, उप पुलिस अधीक्षक उदयान बेहार, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा, सीएमएचओ उमेश कुमार मरकाम, उप संचालक कृषि ललित मोहन भगत, रोजगार अधिकारी एम.आर. जयसवाल, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक जेवियत टोप्पो, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, उप जेल अधीक्षक डी.डी. टोडर, और लीगल एड पैनल से सत्यनारायण सिंह ठाकुर, विनोद कुमार कश्यप, विष्णु प्रसाद अग्रवाल, तथा पैरा लीगल वालेंटियर लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल शामिल रहे।



निरीक्षण के दौरान बोर्ड ने जिला जेल में स्थापित लीगल एड क्लिनिक की कार्यप्रणाली, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता की गुणवत्ता और परामर्श व्यवस्था का परीक्षण किया। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, जेल भवन की संरचना, बैरकों की स्थिति, बंदियों के रहने की व्यवस्था, मुलाकात कक्ष, सुरक्षा प्रबंध और स्वच्छता का विस्तृत अवलोकन किया गया।
टीम ने टॉयलेट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, बंदियों के कपड़ों की स्थिति, और दैनिक भोजन की गुणवत्ता का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा बंदियों से संवाद कर उनके मामलों से जुड़ी समस्याओं, उपचार सुविधाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया गया।
शिकायत पेटी, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी जांची गई।
जेल प्रबंधन को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सभी सुविधाओं को निरंतर मजबूत करने और बंदियों को समय पर विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए।




