महंगाई–बेरोजगारी पर विपक्ष का सरकार को घेराव: जन सरोकारों से मुंह मोड़ने का आरोप

केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष ने एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकार आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों—महंगाई और बेरोजगारी—पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।
राजधानी में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी नेताओं ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों और रोजगार के सीमित अवसरों ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन सरकार इन सवालों से बचती नजर आ रही है।विपक्ष ने क्या कहा
महंगाई पर चिंता
विपक्ष का कहना है कि खाद्य पदार्थों, ईंधन और घरेलू जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग पर सीधा आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया गया कि युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं और सरकारी आंकड़े जमीनी हकीकत को पूरी तरह नहीं दर्शाते।


जनहित के मुद्दों की अनदेखी का आरोप
विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार का ज्यादा ध्यान प्रचार और उपलब्धियों के दावों पर है, जबकि आम जनता की समस्याएं हाशिए पर चली गई हैं।
सरकार पर सीधा सवाल
विपक्ष ने सरकार से मांग की कि
महंगाई पर ठोस नियंत्रण नीति लाई जाए
रोजगार सृजन के लिए ठोस रोडमैप पेश किया जाए
संसद में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए
सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, जैसे-जैसे चुनावी माहौल नजदीक आएगा, महंगाई और बेरोजगारी विपक्ष के सबसे बड़े हथियार बन सकते हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।




