रायपुर से रवाना हुई भगवा आस्था की पदयात्रा — धीरेंद्र शास्त्री के आह्वान पर ‘हिंदू राष्ट्र’ के संकल्प संग दिल्ली की ओर कदम

रायपुर
राजधानी रायपुर से बागेश्वर धाम मित्र मंडल द्वारा चार बसों में सवार सैकड़ों श्रद्धालु सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के लिए रवाना हुए। यह पदयात्रा 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक चलेगी। इस पदयात्रा का नेतृत्व बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री करेंगे, जिन्होंने देशभर के सनातनियों से इस अभियान में जुड़ने का आह्वान किया है।
राजधानी के गुढ़ियारी हनुमान मंदिर से रवाना हुई इस यात्रा का उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को मजबूत स्वर देना बताया जा रहा है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस आंदोलन की शुरुआत चार वर्ष पूर्व इसी मंदिर से की थी, जब उन्होंने पहली बार खुलकर हिंदू राष्ट्र की मांग रखी थी। अब उसी जगह से एक नए संकल्प और नए उत्साह के साथ भक्तों ने कदम बढ़ाए हैं।
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देवसिंह, राजीव लोचन महाराज और बसंत अग्रवाल सहित कई संत, समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इन सभी ने भगवा ध्वज लहराकर और जय श्रीराम के जयकारों के बीच पदयात्रियों को दिल्ली के लिए रवाना किया।
भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग बीते कई दशकों से विभिन्न मंचों से उठती रही है। समर्थकों का तर्क है कि जैसे दुनिया के अन्य धर्मों के अपने-अपने राष्ट्र हैं, वैसे ही 100 करोड़ सनातनियों को भी अपने धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए एक पहचान मिलनी चाहिए।
1947 में धर्म के आधार पर हुए देश के विभाजन के बाद भी हिंदू राष्ट्र की अवधारणा अधूरी रह गई, और अब इसे साकार करने की दिशा में यह यात्रा एक प्रतीक मानी जा रही है।
जहां एक ओर दिल्ली की गलियों में लोकतंत्र की गूंज सुनाई देती है, वहीं दूसरी ओर वृंदावन की राह पर धर्म और राष्ट्र की परिभाषा तय करने की पदचापें गूंज रही हैं।
अब सवाल यह नहीं कि कौन सही, कौन गलत — सवाल बस इतना है कि आस्था और राजनीति की यह पदयात्रा देश को किस दिशा में ले जाएगी?
क्योंकि इस यात्रा में कदम सिर्फ श्रद्धा के नहीं… विचारों के भी हैं।




