कोरबा

“सत्यापन या मानसिक प्रताड़ना? पंचायत सचिव की मौत पर पटवारी के बोल कटघरे में

कोरबा -सरोज रात्रे की रिपोर्ट

कोरबा से इस वक्त एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है।
जनपद पंचायत करतला में पदस्थ पंचायत सचिव निरतू सिंह बिंझवार के आकस्मिक निधन ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजन आरोप लगा रहे हैं कि धान सत्यापन के नाम पर पटवारी द्वारा किए गए कड़े शब्दों और मानसिक दबाव ने एक जिम्मेदार कर्मचारी की जान ले ली।
23 दिसंबर को निरतू सिंह बिंझवार के नाम से 27.20 क्विंटल धान का टोकन जारी हुआ था। इसी सत्यापन के लिए पटवारी धनंजय महतो उनके घर पहुंचे।

सत्यापन के दौरान कुछ धान की बोरियां घर में, कुछ पड़ोसी के यहां मिलीं।
मकान में पेंटिंग और टाइल्स का काम चल रहा था।
परिजनों का कहना है कि इसी दौरान पटवारी ने सख्त लहजे में कहा—
“यह धान आपका नहीं है”
यही शब्द निरतू सिंह बिंझवार के लिए आखिरी साबित हुए।

परिजनों का आरोप है कि अपमानजनक व्यवहार से वे मानसिक रूप से टूट गए, अचानक तबीयत बिगड़ी और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।

सवाल ये है कि—
क्या सरकारी सत्यापन का मतलब डर और दबाव बनाना है?
क्या एक अधिकारी के शब्द किसी की जान से ज्यादा भारी हो सकते हैं?
और अगर ऐसा है, तो जिम्मेदार कौन?

फिलहाल पूरा मामला चर्चा में है।
परिजन निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।

एक पंचायत सचिव की मौत सिर्फ एक आंकड़ा नहीं—
ये सिस्टम के रवैये पर बड़ा सवाल है।
अब देखना होगा कि जांच होती है…
या ये मामला भी फाइलों में दबा दिया जाता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button