अमेरिका में F-16 लड़ाकू विमान ट्रेनिंग के दौरान क्रैश, पायलट की जान बाल-बाल बची; जोरदार धमाके से रेगिस्तान गूंज उठा

कैलीफोर्निया
अमेरिकी वायुसेना का एक F-16 फाइटर जेट गुरुवार सुबह ट्रेनिंग मिशन के दौरान दक्षिणी कैलिफोर्निया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा ट्रॉना शहर के पास रेगिस्तानी इलाके में हुआ, जहां विमान जमीन से टकराते ही आग के विशाल गुबार में बदल गया। गनीमत रही कि कुछ सेकेंड पहले ही पायलट पैराशूट की मदद से सुरक्षित बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई।
कैसे हुआ हादसा?
10:45 बजे अचानक नीचे गिरने लगा विमान
जानकारी के अनुसार हादसा स्थानीय समय सुबह करीब 10:45 बजे हुआ। ट्रॉना एयरपोर्ट से लगभग तीन किलोमीटर दूर यह जेट तेज रफ्तार में नीचे आया और रेत के टीले पर गिरते ही जोरदार धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बनाए गए वीडियो में देखा गया कि पायलट समय रहते इजेक्ट हुआ और कुछ ही पलों बाद विमान आग की लपटों में घिर गया।
एयरपोर्ट मैनेजमेंट के मुताबिक इस क्षेत्र में सैन्य विमानों की उड़ानें सामान्य रूप से होती रहती हैं, इसलिए हादसे के बाद तुरंत बचाव दल को भेजा गया।
थंडरबर्ड्स स्क्वाड्रन का था विमान
क्रैश हुआ F-16 अमेरिकी वायुसेना की प्रसिद्ध थंडरबर्ड्स एरोबैटिक टीम का हिस्सा था, जो खतरे से भरे हवाई स्टंट और एयर शो के लिए जानी जाती है। टीम की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह घटना एक नियमित ट्रेनिंग ऑपरेशन के दौरान हुई।
पायलट को मामूली चोटें आई हैं और उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर मौजूद अग्निशमन विभाग ने कहा कि दुर्घटना स्थल के आसपास किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है।
क्रैश की वजह अब तक स्पष्ट नहीं
सूत्रों के मुताबिक सुबह प्रशिक्षण के लिए छह F-16 जेट उड़ान पर गए थे, लेकिन पांच ही सुरक्षित लौटे। माना जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान चाइना लेक नेवल एयर वेपन्स स्टेशन के नजदीक गिरा, जहां सैन्य अभ्यास नियमित रूप से होता है।
एयरफोर्स की 57th विंग ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और प्रारंभिक रिपोर्ट आने में कुछ समय लगेगा।
1.70 हजार करोड़ रुपए का है एक F-16 फाइटर जेट
2021 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार एक F-16 फाइटिंग फाल्कन की कीमत करीब 18.8 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1.70 हजार करोड़ रुपए होती है। यह चौथी पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर विमान है, जिसे लॉकहीड मार्टिन तैयार करती है।
F-16 की खासियतें
- अधिकतम गति: 2414 किमी/घंटा
- ऑपरेशनल रेंज: 4220 किमी
- एक मिनट में 50 हजार फीट ऊंचाई तक पहुंचने की क्षमता
- एडवांस रडार और अत्याधुनिक हथियारों से लैस
- खराब मौसम में भी उड़ान भरने में सक्षम
25 से अधिक देश करते हैं उपयोग
पहली उड़ान 1974 में भरने वाले F-16 को आज दुनिया के 25 से अधिक देश इस्तेमाल कर रहे हैं। 1976 से अब तक 4600 से ज्यादा F-16 जेट का निर्माण किया जा चुका है।




