PK का पलटवार: हार के बाद ‘1-1 हजार अभियान’, बोले– जिसने मदद नहीं की उससे नहीं मिलूंगा; पूरी संपत्ति जनसुराज को सौंपने का ऐलान

बेतिया
बिहार राजनीति में प्रशांत किशोर (PK) ने चुनावी हार के बाद ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरे राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।
विधानसभा चुनाव में करारी हार के तीन दिन बाद PK ने मौन तोड़ा और सीधे आरोप लगाया— “NDA ने 10-10 हजार रुपए बांटकर वोट खरीदे। अगर 6 महीने में महिलाओं को 2-2 लाख नहीं मिले तो मैं एक-एक अधिकारी और मंत्री का घेराव करूंगा।”
PK का नया फरमान: जो 1,000 रुपए मदद नहीं करेगा, उनसे नहीं मिलूंगा
चुनाव के बाद PK ने जनता से आर्थिक सहयोग की खुली अपील कर दी है। उन्होंने कहा—
“जनसुराज को बचाने के लिए हर समर्थक 1,000 रुपए प्रति वर्ष दे।
जो नहीं देगा… उनसे मैं नहीं मिलूंगा।”
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि आने वाले 5 साल में जो भी कमाई होगी, उसका 90% हिस्सा वो पार्टी के लिए दान करेंगे।
दिल्ली का फ्लैट छोड़कर पूरी संपत्ति दान
PK ने स्वीकार किया कि चुनावी हार के बाद खर्च और संगठन को लेकर जनता सवाल कर रही है। इसी बीच उन्होंने बड़ा ऐलान किया—
“20 साल में जो भी सम्पत्ति बनाई है… दिल्ली वाले घर को छोड़कर सब जनसुराज को डोनेट कर रहा हूं।”
गांधी आश्रम में 24 घंटे का मौन व्रत
हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद PK ने
भितिहरवा के गांधी आश्रम में 24 घंटे का मौन उपवास रखा।
इस दौरान वे धरना स्थल पर बैठे-बैठे ही सोते नजर आए।
करीब 50 से ज्यादा समर्थक रातभर उनके साथ जमे रहे।
जनसुराज ने साफ किया कि यह विरोध नहीं, बल्कि “आत्ममंथन का उपवास” है।
243 सीटों में एक भी सीट नहीं— 98% उम्मीदवारों की जमानत जब्त
यह चुनाव PK की उम्मीदों के ठीक उलट रहा।
नतीजे बताते हैं—
जनसुराज को एक भी सीट नहीं मिली
233 उम्मीदवारों की जमानत जब्त
कुल वोट शेयर लगभग 2%
मढ़ौरा में पार्टी दूसरे स्थान पर जरूर रही, लेकिन वह भी तब जब NDA प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो गया।
जहाँ PK का घर… वहाँ भी नहीं बची जमानत
रोहतास जिले की सभी सीटों पर जनसुराज उम्मीदवार पीछे रह गए।
खुद PK के गृह क्षेत्र करगहर में पार्टी को सिर्फ 7.42% वोट मिले।
PK के चुनावी दावे और नतीजों की सच्चाई
PK चुनाव से पहले लगातार यह कहते थे—
“JDU को 25 से कम सीटें मिलेंगी, ज्यादा मिली तो राजनीति छोड़ दूंगा।”
हकीकत: JDU 85 सीटें लेकर नंबर-2 पार्टी बन गई।
“जनसुराज 125-130 सीटें मिले तो भी मैं इसे अपनी हार मानूंगा।”
हकीकत: खाता तक नहीं खुला।
“NDA–जनसुराज असली मुकाबला है, महागठबंधन बाहर है।”
हकीकत: जनसुराज मुकाबले में था ही नहीं।
‘साफ राजनीति’ का दावा, लेकिन 45% उम्मीदवार दागी
ADR रिपोर्ट के अनुसार—
जनसुराज के 231 उम्मीदवारों में से 108 पर आपराधिक केस
100 पर गंभीर अपराध,
25 पर हत्या की कोशिश,
12 पर हत्या के आरोप,
14 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज।
6,000 KM पदयात्रा, 1,280 दिन की मेहनत… फिर भी नतीजा शून्य
अप्रैल 2022 से अक्टूबर 2024 तक
PK ने 6,000 किलोमीटर की पदयात्रा,
5,000 गाँव,
5,000 जनसभाएँ कीं—
लेकिन वोटों में इसका असर दिखाई नहीं दिया।
पार्टी को 98 करोड़ रुपए का चंदा— PK ने खुद बताया
PK ने बताया कि पिछले 3 साल की कंसल्टेंसी फीस से उन्होंने—
241 करोड़ रुपए कमाए
20 करोड़ से अधिक इनकम टैक्स दिया
और 98 करोड़ रुपए सीधे जनसुराज को दान किए




