सक्ती

PM आवास तोड़ने पर सियासत गरमाई, विधायक बालेश्वर साहू बोले—दोहरी नीति उजागर

रिपोर्टर -जय ठाकुर
लोकेशन सक्ति
19/01/2026

सक्ती | नवापारा कला ग्राम पंचायत
सक्ती जिले के ग्राम पंचायत नवापारा कला में एक गरीब परिवार पर ऐसा कहर टूटा है, जिसने न सिर्फ इंसानियत बल्कि शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार गरीबों को सिर छुपाने की छत देने का दावा करती है, उसी योजना से बने मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया।
सपनों, उम्मीदों और वर्षों की मेहनत से बना आशियाना पलभर में मलबे में तब्दील हो गया। सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि आसपास लगाए गए पेड़-पौधों को भी बेरहमी से उखाड़ दिया गया। मलबे के ढेर के बीच खड़ा परिवार फूट-फूट कर रोता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद किसी भी अधिकारी का दिल नहीं पसीजा।
चयनात्मक कार्रवाई का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव में बेजा कब्जा कई लोगों का है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ उन्हीं के घर पर की गई। परिवार का दावा है कि पास में प्रस्तावित राइस मिल के गोदाम के लिए रास्ता देने से इनकार करने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया।
परिवार का कहना है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में प्रशासन को भरोसे में लेकर यह कार्रवाई कराई गई।
सबसे बड़ा सवाल — जिम्मेदार कौन?
मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
अगर जमीन बेजा कब्जे की थी, तो उसी जमीन पर सरकारी योजना पीएम आवास के तहत मकान कैसे बन गया?
निर्माण के समय जांच कहां थी?
और अगर गलती हुई, तो उसकी सजा गरीब परिवार को क्यों?

“हमने क्या गलती की थी? सरकार ने घर दिया और वही सरकार आज हमारा घर तोड़ रही है। अब हम कहां जाएं?”
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
इस पूरे मामले पर कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सरकार की दोहरी नीति करार दिया।

“एक तरफ सरकार गरीबों को पक्का मकान देने की बात करती है, दूसरी तरफ रसूखदारों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीब का घर उजाड़ दिया जाता है। यह अन्याय है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
भरोसा भी मलबे में दबा
नवापारा कला की यह घटना सिर्फ एक घर टूटने की कहानी नहीं है, बल्कि उस भरोसे के टूटने की कहानी है, जो एक गरीब परिवार ने व्यवस्था पर किया था।
आज परिवार खुले आसमान के नीचे बैठकर सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहा है—
“अगर सरकारी योजना से मिला घर भी सुरक्षित नहीं, तो गरीब आखिर भरोसा किस पर करे?”

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