जांजगीर-चांपा में पुलिस–बदमाश मुठभेड़, 5 जगह वारदातों का मास्टरमाइंड घायल, 8 आरोपी गिरफ्तार

शुभांशु मिश्रा
जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिले में कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे एक खतरनाक लूटपाट गिरोह पर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। बीते दो रातों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दहशत फैलाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया, जबकि 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह ने महज दो रातों में 5 अलग-अलग स्थानों पर लूटपाट, जानलेवा हमले और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम दिया था, जिसमें 13 निर्दोष नागरिक घायल हो गए, जिनमें से 2 की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।पुलिस के मुताबिक, शिवरीनारायण और पामगढ़ थाना क्षेत्रों में सक्रिय इस गिरोह ने सुनसान रास्तों को अपना ठिकाना बनाया था। आरोपी मोटरसाइकिलों पर घूमते हुए राहगीरों को रोकते, गाली-गलौच करते और फिर लोहे के रॉड, पाइप और डंडों से सीधे सिर पर हमला कर देते थे। अचानक और जानलेवा वार कर पीड़ितों को संभलने का मौका नहीं दिया जाता था, जिसके बाद मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटकर आरोपी फरार हो जाते थे।




इसी सिलसिले में पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह का मुख्य आरोपी रामनाथ बोड़सरा स्थित विद्युत सब स्टेशन के पास छिपा हुआ है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख आरोपी ने देशी कट्टे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही काबू कर लिया गया। घायल आरोपी को जिला चिकित्सालय जांजगीर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है।इन वारदातों में कुल 13 नागरिक घायल हुए हैं। दो घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर और रायपुर रेफर किया गया है, जबकि एक घायल कोमा में बताया जा रहा है। लगातार हो रहे हमलों से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों—निखिल टंडन, मनीराम गोंड, नरेश यादव, रोशन टंडन, आयुष रात्रे और सन्नी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार और लूट का सामान बरामद किया गया है, जिसमें स्टील रॉड, लोहे के पाइप, डंडे, बेल्ट, 5 मोटरसाइकिलें, एक स्कूटी, 10 मोबाइल फोन और करीब 9 हजार रुपये नकद शामिल हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 4 लाख 9 हजार रुपये आंकी गई है।पुलिस का कहना है कि गिरोह का मकसद लगातार हमले कर इलाके में डर का माहौल बनाना था। फिलहाल शिवरीनारायण और पामगढ़ थानों में आरोपियों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद जिले में सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर बड़ा अंकुश लगेगा और आम जनता ने भी राहत की सांस ली है।




