पाकिस्तान में सियासी तूफान: सेना ने इमरान खान को बताया ‘मानसिक रूप से अस्थिर’, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है। देश की सेना ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें ‘मानसिक रूप से बीमार’ और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे “गद्दारों की भाषा बोल रहे हैं और पाकिस्तान के खिलाफ नरेटिव तैयार कर रहे हैं।”
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर के उद्घाटन के तुरंत बाद हुई, जिसे कई जानकार पाकिस्तान की राजनीति-सैन्य समीकरण में एक बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं।
सेना का सीधा आरोप: “इमरान संविधान नहीं, अपना फायदा देखते हैं”
डीजी ISPR ने दावा किया कि इमरान खान अपने व्यक्तिगत राजनीतिक फायदे को देश और संविधान से ऊपर रखते हैं। उन्होंने कहा—
“एक शख्स सोचता है कि उसके बिना पाकिस्तान चल ही नहीं सकता। वह आज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।”
चौधरी ने मीडिया को इमरान खान का एक ताज़ा ट्वीट दिखाते हुए कहा कि यह “जानबूझकर सेना को बदनाम करने का अभियान” है।
“राजनीति में सेना को घसीटना बंद करें”: ISPR की चेतावनी
पाकिस्तानी सेना ने राजनीतिक दलों को कठोर संदेश दिया कि सेना को अपनी राजनीति में शामिल करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चौधरी ने कहा—
“कोई भी पाकिस्तान की सेना और जनता के बीच दरार पैदा नहीं कर सकता। संस्थाओं की मर्यादा का सम्मान करें।”
ढाई साल से जेल में बंद इमरान पर सवाल: जेल में किस कानून से मिल रहे लोग?
सेना ने यह भी आरोप लगाया कि इमरान खान जेल में रहते हुए भी राजनीतिक रणनीतियाँ बना रहे हैं और “राज्य तथा सेना के खिलाफ नरेटिव तैयार कर रहे हैं।”
चौधरी ने पूछा—
“कौन सा कानून एक कैदी को लोगों से मिलने और सेना-विरोधी माहौल बनाने की अनुमति देता है?”
उन्होंने दावा किया कि हर मुलाकात में इमरान राज्य और सेना को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करते हैं।
इमरान खान पर हमला क्यों तेज हुआ?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि—
पाकिस्तान में नई सत्ता संरचना मजबूत हो रही है,
सेना 9 मई हिंसा और सत्ता परिवर्तन के बाद से इमरान पर बेहद आक्रामक है,
और अब उनके खिलाफ सैन्य प्रतिष्ठान का सार्वजनिक बयान इमरान की वापसी की संभावनाओं पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
इमरान खान करीब ढाई साल से जेल में बंद हैं और कई मामलों में अभियुक्त हैं। लेकिन उनके समर्थकों का दावा है कि वे “सैन्य-राजनीतिक साजिश के तहत” निशाने पर हैं।




