छत्तीसगढ़ में बढ़ता प्रदूषण संकट: 665 उद्योगों से खतरनाक कचरा, विधानसभा में चौंकाने वाला खुलासा

राज्य में तेजी से बढ़ते औद्योगिक कचरे ने पर्यावरण और लोगों की सेहत को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकार द्वारा दी गई जानकारी में बड़ा खुलासा हुआ है कि राज्य के 665 उद्योग खतरनाक (हैज़र्डस) कचरा उत्पन्न कर रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है—साल 2024 में ऐसे उद्योगों की संख्या केवल 163 थी, जो अब कई गुना बढ़ चुकी है।

सरकार ने स्वीकार किया कि कई उद्योगों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए उपकरणों का नियमित रूप से उपयोग नहीं किया जाता, और कई बार इन्हें जानबूझकर बंद रखा जाता है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इस समस्या से निपटने के लिए कोरबा में एक वैज्ञानिक लैंडफिल साइट की शुरुआत की गई है, जहां खतरनाक कचरे का सुरक्षित निपटान किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल लैंडफिल से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि उद्योगों की निगरानी और कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा और मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए, ताकि आम जनता को होने वाले नुकसान का सही आकलन किया जा सके।
यह मुद्दा आने वाले समय में राज्य की पर्यावरण नीति और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन को लेकर बड़ी बहस का कारण बन सकता है।




