डोंगरीडीह में भक्ति का महासंगम: बाबा यादराम धाम में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन, कथा वाचन करेंगी प्राची देवी

लोकेशन: सक्ती जिला
दिनांक: 02/02/2026
रिपोर्टर: लाला उपाध्याय
बाबा यादराम धाम डोंगरीडीह में 5 से 11 फरवरी तक श्रीमद्भागवत कथा, प्राण-प्रतिष्ठा और मूर्ति अनावरण को लेकर भक्तों में उत्साह
सक्ती जिले के मालखरौदा ब्लॉक अंतर्गत डोंगरीडीह गांव में स्थित पावन बाबा यादराम धाम एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा का केंद्र बनने जा रहा है। यहां श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका एवं धार्मिक पथप्रदर्शिका प्राची देवी के द्वारा कथा वाचन किया जाएगा।
प्राची देवी अपने ओजस्वी प्रवचनों और मधुर भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन और धार्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। इस आयोजन को लेकर बाबा के भक्तों, ग्रामीणों और जिलेभर के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि डोंगरीडीह गांव में इससे पहले इस स्तर का भव्य धार्मिक आयोजन नहीं हुआ है।


कार्यक्रम की तैयारियों में आयोजनकर्ता पूरी तरह जुटे हुए हैं। श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व 4 फरवरी को महाकाल बाबा यादराम की दिव्य मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। इसके बाद 5 फरवरी को बाबा की दिव्य मूर्ति का विधिवत अनावरण किया जाएगा।
मान्यता है कि बाबा यादराम के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की पीड़ाएं दूर हो जाती हैं। इसी आस्था के चलते छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचते हैं। आयोजन के दौरान यहां मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु कथा श्रवण के साथ-साथ मेले का आनंद भी उठा सकेंगे। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में जोर-शोर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
वहीं मंदिर और कार्यक्रम के संचालक धनीराम साहू ने बताया कि यह डोंगरीडीह के लिए ऐतिहासिक और अनूठा अवसर है। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 5 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 11 फरवरी 2026 तक चलेगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि डोंगरीडीह गांव में स्थित महाकाल यादराम बाबा के मंदिर में श्रद्धालु अपनी-अपनी पीड़ा और मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और बाबा के प्रति उनकी गहरी आस्था है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जो भी सच्चे मन से बाबा धाम आता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता।
आपको बता दें कि बाबा यादराम धाम 24 घंटे खुला रहता है, जबकि रविवार और गुरुवार को विशेष पूजा-अर्चना के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। 5 फरवरी 2026 को बाबा की दिव्य मूर्ति के अनावरण के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रीमद्भागवत कथा के दौरान किसी को किसी प्रकार की असुविधा न हो।




