खरिफ 2025 की तैयारी तेज: कृषि विभाग ने किसानों को 4 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज वितरित किए

रायपुर
छत्तीसगढ़ में आगामी खरिफ सत्र 2025 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने कमर कस ली है। किसानों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इनपुट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा अब तक 4 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीजों का वितरण किया जा चुका है। सरकार की यह पहल किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष धान, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी प्रमुख फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बीज वितरण की प्रक्रिया सहकारी समितियों, सेवा सहकारी समितियों और अधिकृत बीज केंद्रों के माध्यम से की जा रही है, ताकि राज्य के दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों तक भी किसान इसका लाभ उठा सकें।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बुवाई से पहले ही किसानों तक पर्याप्त मात्रा में बीज पहुंच जाए, जिससे उन्हें बाजार पर निर्भर न रहना पड़े और नकली या अमानक बीजों से होने वाले नुकसान से बचा जा सके। इसके लिए जिला स्तर पर सतत निगरानी व्यवस्था बनाई गई है और अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि मंत्री ने बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान कहा कि,
“किसानों को समय पर प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।”
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर बीज वितरण से फसल की उत्पादकता में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। साथ ही, मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सरकार द्वारा उन्नत और कम अवधि वाली किस्मों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
कुल मिलाकर, बीज वितरण का यह अभियान छत्तीसगढ़ में कृषि व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।




