शराब के नशे में डूबा प्रधानपाठक… ठोरगी के मासूमों की पढ़ाई खतरे में

मनेन्द्रगढ़ के भरतपुर ब्लॉक से लगभग 60 से 65 किलोमीटर दूर स्थित वनांचल ग्राम ठोरगी इन दिनों गंभीर शिक्षा संकट से गुजर रहा है। ग्राम पंचायत खोहरा के आश्रित इस छोटे से गांव में करीब 14–15 घर और लगभग 100 की आबादी है, लेकिन गांव की प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधानपाठक दादूराम बैगा पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्होंने बच्चों की पूरी शिक्षा व्यवस्था को खतरे में डाल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानपाठक स्कूल में ही शराब पीकर रहते हैं, नशे की हालत में बच्चों को पढ़ाते हैं और कई बार पढ़ाई पूरी तरह ठप कर देते हैं। गांव के पालक हुबलाल सिंह बताते हैं कि उन्होंने शिक्षक से बार-बार बच्चों को पढ़ाने की गुहार लगाई, लेकिन प्रधानपाठक बच्चों से ही कहते हैं कि ‘अपने आप पढ़ लो’, जबकि वे खुद दारू के नशे में कुर्सी पर बैठे रहते हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रामकली भी पुष्टि करती हैं कि शिक्षक शाम और रात को भी स्कूल परिसर में ही शराब पीकर रहते हैं और उन्होंने कहीं और रहने का स्थान भी नहीं बनाया है।
स्थिति यह है कि बच्चे रोज स्कूल में शराब की बदबू और शिक्षक के गलत व्यवहार को सहने के लिए मजबूर हैं। शिक्षक पर मिड-डे मील में खराब चावल परोसने के आरोप भी लगे हैं। पूछने पर प्रधानपाठक ने सफाई दी कि चावल खराब नहीं था, उस पर पानी गिर गया था और उसे धोकर बच्चों को दिया जा रहा है। लेकिन छात्रों बी.एल. सिंह और अजीत कुमार का कहना है कि उन्हें रोज खराब चावल ही दिया जाता है, जिसे बस साफ कर परोस दिया जाता है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब शिक्षक ही नशे में रहता है, तो बच्चों के भोजन की गुणवत्ता कौन देखेगा?

गांव के लोगों का कहना है कि बच्चों को उनकी कक्षा के अनुसार बुनियादी जानकारी भी नहीं है। पढ़ाई सिर्फ कागजों में दिखा दी जाती है, जबकि असल में बच्चे कुछ भी नहीं सीख पा रहे। उपसरपंच चंद्रप्रताप सिंह ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक का काम पढ़ाना है, न कि स्कूल में शराब पीना, और ऐसे शिक्षक को तत्काल हटाया जाना चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे विद्यालय और बच्चों का भविष्य दोनों खतरे में हैं। उनका कहना है कि यदि संबंधित अधिकारी एक बार भी मौके पर आकर स्थिति देखें, तो पता चल जाएगा कि स्कूल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि शराबखोरी का ठिकाना बन चुका है।
मामले पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सच्चिदानंद साहू ने बताया कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और संबंधित शिक्षक के खिलाफ जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार सिर्फ जांच का भरोसा नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि बच्चों का भविष्य अंधकार में न जाए।





