जांजगीर-चांपा

चांपा शहर में सड़क पर दुकानों का संकट जारी

चांपा

व्यवस्था के अभाव में यातायात प्रभावित, छोटे दुकानदार रोज़ की उथल-पुथल से परेशान

शहर में सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। नगर पालिका की उदासीनता के कारण न तो उन्हें अब तक कोई स्थायी जगह मिल सकी है और न ही सड़क पर फैल रहे अराजक ढांचे पर लगाम लग पाई है। नतीजा यह कि रोज़ शाम होते ही भालेराय मैदान के सामने की सड़क एक अस्थायी बाजार में तब्दील हो जाती है।

शाम ढलते ही सड़क किनारे चाट, गुपचुप, चाऊमीन, मोमोज सहित कई फास्ट फूड की दुकानों की कतार लग जाती है। शहरवासी नाश्ते के लिए यहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। हालांकि, दुकानों के सामने बिना व्यवस्था के वाहनों की पार्किंग होने लगती है, जो धीरे-धीरे अव्यवस्थित होकर पूरे यातायात को बाधित कर देती है। यह स्थिति कई महीनों से लगातार बनी हुई है।

दुकानदारों का कहना है कि उन्हें बार-बार हटाया जाता है, पर कोई वैकल्पिक स्थान नहीं दिया जाता। ऐसे में रोज़ अपना ठेला लेकर यहां-वहां भटकना उनकी मजबूरी बन गई है। दूसरी ओर नगर के लोग भी अव्यवस्था से परेशान हैं, क्योंकि कई बार इस भीड़भाड़ के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है।

दिलचस्प बात यह है कि जिला मुख्यालय जांजगीर में नगरपालिका ने सड़क पर दुकान लगाने वालों के लिए एक सुव्यवस्थित चौपाटी का निर्माण कर दिया है, जहां शाम ढलते ही रौनक बढ़ जाती है। परंतु चांपा के छोटे दुकानदारों के हिस्से में अभी तक ऐसा स्थायी ठिकाना नहीं आया है।

शहर के लोगों और दुकानदारों की एक ही मांग है—नगर पालिका जल्द से जल्द एक व्यवस्थित और सुरक्षित चौपाटी का निर्माण करे, ताकि न यातायात बाधित हो और न ही छोटे व्यापारियों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडराए। नगर पालिका की ओर से इस विषय पर अब तक कोई ठोस पहल न होने से शहर में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

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