पेड़ बचाने के वादे हवा में — ग्राम पंचायत कोरबी धतूरा में सरपंच और उपसरपंच पति पर बगैर अनुमति पेड़ काटकर बेचने के गंभीर आरोप

कोरबा
एक ओर सरकार “एक पेड़ मां के नाम” जैसी पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर कोरबा जिले की ग्राम पंचायत कोरबी धतूरा में जनप्रतिनिधि ही इस अभियान की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। यहां के सरपंच विजय धनुहार और उपसरपंच पति मौसम राठौर पर बिना अनुमति दर्जनों बमरी पेड़ों की कटाई कर उन्हें बेचने का गंभीर आरोप लगा है।
सूत्रों के मुताबिक, पंचायत क्षेत्र में कई हरे-भरे बमरी पेड़ काटे गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच और उपसरपंच पति ने पेड़ों की कटाई यह कहते हुए कराई कि यहां अस्पताल बनना है, लेकिन न तो इस संबंध में कोई विभागीय स्वीकृति है और न ही किसी प्रकार का सरकारी आदेश जारी हुआ है।


ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा मामला निजी लाभ से जुड़ा है। पेड़ों की अवैध कटाई कर लकड़ी को बेच दिया गया है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है बल्कि सरकारी नियमों की भी खुली अवहेलना हुई है।
ग्रामवासियों ने इस मामले की लिखित शिकायत कटघोरा वनमंडल अधिकारी (डीएफओ) कुमार निशांत से की है। डीएफओ ने कहा है कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा ही नियम तोड़े जाने से अब लोगों का प्रशासन पर भरोसा कम हो रहा है। एक ग्रामीण ने कहा —
“जब जनप्रतिनिधि ही पेड़ों की रक्षा नहीं करेंगे, तो आम नागरिकों से क्या उम्मीद की जा सकती है?”
फिलहाल वन विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पर्यावरण संरक्षण की सरकारी योजनाओं के बीच यह पेड़ कटाई “लापरवाही” थी या “निजी लाभ का खेल।”




