
दीपक वर्मा
जशपुर
जशपुर जिले के बागबहार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकरभुका कोयलापहाड़ी गांव में प्रस्तावित पत्थर खदान और क्रशर प्लांट को लेकर आदिवासी समाज का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे और खनन परियोजना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।ग्रामीणों का कहना है कि जंगल, पहाड़ और पेड़-पौधे उनके जीवन, संस्कृति और आजीविका का आधार हैं। आरोप है कि कथित दस्तावेजी कूटरचना कर लंबे समय की लीज ली गई और ग्राम देवता माने जाने वाले पहाड़ की कटाई की जा रही है।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्लांट के समीप स्थित गौठान भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है और डभरी को पाट दिया गया है।स्थानीय लोगों ने क्रशर प्लांट से उड़ने वाली धूल से गंभीर बीमारियों की आशंका जताई है। ग्रामीणों का दावा है कि वर्ष 2009 में कथित फर्जी ग्रामसभा के माध्यम से करीब 10 एकड़ भूमि लीज पर ली गई थी। वहीं बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई और पहाड़ियों को काटकर रास्ता बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्लांट संचालक द्वारा धमकी देने की बात भी सामने आई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल, बागबहार तहसीलदार कृष्णमूर्ति दीवान सहित अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।ग्रामीणों ने एक स्वर में पत्थर खदान और क्रशर प्लांट को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।







