UGC के नए नियमों को लेकर यूपी में विरोध तेज, मायावती समेत कई हस्तियों की प्रतिक्रियाएं

उत्तर प्रदेश
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) के नए नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ भाजपा पदाधिकारियों ने विरोध स्वरूप अपने पदों से इस्तीफा भी दिया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नए नियमों को लेकर असहमति जताई जा रही है, लेकिन इसे लेकर सामाजिक तनाव नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे नियम लागू करने से पहले सभी वर्गों को विश्वास में लेना बेहतर होता, ताकि गलतफहमियां न पैदा हों। साथ ही उन्होंने दलितों और पिछड़े वर्गों से अपील की कि वे भड़काऊ बयानों से सावधान रहें।
वहीं, कवयित्री अनामिका जैन अंबर ने भी UGC के नए प्रावधानों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग की पहचान को अपराध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि वे पूर्व में विभिन्न राजनीतिक मंचों पर अपनी कविताओं के जरिए सक्रिय रही हैं।
महाकुंभ के दौरान चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने भी UGC के नियमों पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि समाज में पहले से मौजूद संवेदनशील मुद्दों को ध्यान में रखते हुए किसी भी कानून के प्रभाव का आकलन जरूरी है। उनके अनुसार, इस नियम का सामाजिक असर गंभीर हो सकता है।
प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन
UGC के विरोध में वाराणसी, प्रतापगढ़ और सोनभद्र सहित कई जिलों में प्रदर्शन देखने को मिला। कहीं छात्रों और सामाजिक संगठनों ने ज्ञापन सौंपा, तो कहीं प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
UGC के नए नियम क्या हैं
UGC ने 13 जनवरी को ‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026’ को अधिसूचित किया है। इसके तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हालांकि, नियमों को लेकर कुछ छात्र संगठनों और जनरल कैटेगरी से जुड़े समूहों ने आशंका जताई है कि इससे उनके खिलाफ भेदभाव की स्थिति बन सकती है। इसी को लेकर विरोध और समर्थन—दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।




