
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी कार्तिक जायसवाल (25 वर्ष) को दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर 16 वर्षीय नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे, जिससे पीड़िता 5 माह की गर्भवती हो गई थी।
घटना का संक्षिप्त विवरण
मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी कार्तिक जायसवाल पीड़िता को पिछले दो साल से जानता था और उससे शादी करने का वादा करता था।
जुलाई 2024: आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने पुराने घर बुलाया और पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
कोरबा में भी शोषण: इसके बाद पीड़िता अपने परिवार के साथ काम के सिलसिले में कोरबा चली गई। आरोपी वहां भी पहुंच गया और जब पीड़िता के माता-पिता काम पर जाते थे, तब वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।
गर्भावस्था और धोखा: लगातार शोषण के कारण पीड़िता 5 माह की गर्भवती हो गई। जब उसने कार्तिक पर शादी का दबाव बनाया, तो उसने साफ इनकार कर दिया।
कानूनी कार्रवाई और फैसला
पीड़िता की रिपोर्ट पर 7 दिसंबर 2024 को खरसिया पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जांच पूरी कर चालान न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय का निर्णय:
विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई:




