रायपुर हाई-अलर्ट: डीजीपी–आईजी कॉन्फ्रेंस और इंडिया–साउथ अफ्रीका मैच से पहले सुरक्षा कड़ी

रायपुर
राजधानी रायपुर इन दिनों सुरक्षा के सबसे व्यस्त दौर से गुजर रही है। एक सप्ताह के भीतर दो हाई-प्रोफाइल इवेंट — 28 नवंबर को डीजीपी–आईजी कॉन्फ्रेंस जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे, और 3 दिसंबर को भारत–दक्षिण अफ्रीका वन-डे मैच — ने पुलिस बल की जिम्मेदारी दोहरी कर दी है। शहर अब पूरी तरह से “हाई अलर्ट मोड” में है।

चाकूबाजों व हिस्ट्रीशीटर्स पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
संभावित खतरे को शुरू में ही खत्म करने के लिए रायपुर पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है।
इस अभियान के तहत—
256+ चाकूबाज
अपराधी प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों
को उनके-उनके थाना क्षेत्रों में तलब किया गया।
उनकी लाइनअप कर तस्वीरें ली गईं, पहचान सत्यापित की गई, और उन्हें साफ तौर पर चेतावनी दी गई—
“वीआईपी मूवमेंट में गड़बड़ी की तो सीधा जेल।”
पुलिस की यह कार्रवाई सभी ज़ोनों में की गई, ताकि किसी भी संभावित अवांछित गतिविधि को पहले ही नियंत्रित किया जा सके।
सिविल लाइंस में लगातार मैराथन मीटिंग्स
रायपुर के सिविल लाइंस स्थित कंट्रोल रूम में आज राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की बड़ी बैठक हुई।
इस मीटिंग में दोनों बड़े इवेंट्स के लिए सुरक्षा की अंतिम रणनीति पर मुहर लगाई गई।

सूत्रों के अनुसार—
शहर के सभी एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी
होटल, लॉज, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष टीमें तैनात
नवा रायपुर के संवेदनशील हिस्सों में अतिरिक्त बल लगाया गया
ड्रोन सर्विलांस और सीसीटीवी फीड की 24×7 मॉनिटरिंग
संभावित ट्रैफिक बदलावों को लेकर ट्रैफिक विभाग की अलग तैयारियां
दोनों इवेंट्स के लिए राजधानी की ‘सुरक्षा परीक्षा’
एक तरफ देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी वाला राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन…
दूसरी तरफ हजारों दर्शकों वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच…
इन दोनों आयोजनों ने रायपुर पुलिस को अपनी सर्वोच्च क्षमता में काम करने को मजबूर किया है।
पुलिस का लक्ष्य स्पष्ट है—
“शहर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।”
सुरक्षा एजेंसियां, इंटेलिजेंस यूनिट्स और स्थानीय पुलिस मिलकर राजधानी को एक फुल-प्रूफ सुरक्षा कवच देने में जुटी हुई हैं।




