छत्तीसगढ़

एस्ट्रोनॉट से रायपुर के स्टूडेंट्स ने किए रोचक सवाल, छात्रा बोली– सफलता में मेहनत या किस्मत? शुभांशु शुक्ला का जवाब– किस्मत भी मेहनत से ही बनती है

न्यूज़ | रायपुर
नवा रायपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र के शुभारंभ के मौके पर विद्यार्थियों और अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के बीच प्रेरक संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में छात्रों ने अंतरिक्ष, पढ़ाई और भविष्य को लेकर कई रोचक सवाल पूछे।
संवाद के दौरान एक छात्रा ने पूछा कि सफलता में मेहनत और किस्मत का कितना योगदान होता है। इस पर शुभांशु शुक्ला ने साफ शब्दों में कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता, किस्मत भी मेहनत से ही बनती है। उनका जवाब सुनकर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए शुभांशु शुक्ला ने “राम-राम छत्तीसगढ़” कहकर छात्रों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चों में अपार क्षमता और सीखने की जबरदस्त चाह है। 9वीं की छात्रा किरण भास्कर ने चंद्रमा पर जाने की इच्छा जताई, जिस पर उन्होंने सलाह दी कि बड़े सपने तभी पूरे होते हैं जब पढ़ाई, अनुशासन और सेहत पर बराबर ध्यान दिया जाए।
छात्रों के सवालों के जवाब में उन्होंने बताया कि एस्ट्रोनॉट बनने के लिए मानसिक मजबूती, अनुशासन और निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पृथ्वी बेहद सुंदर है और इसकी जिम्मेदारी हम सभी की है।
अपने अंतरिक्ष अनुभव साझा करते हुए शुभांशु शुक्ला ने बताया कि उन्होंने अंतरिक्ष में रहते हुए पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और करीब 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि छोटे गांव या साधारण स्कूल से पढ़ने वाला बच्चा भी अंतरिक्ष तक पहुंच सकता है, बस लक्ष्य स्पष्ट और मेहनत सच्ची होनी चाहिए।
कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष संगवारी अब सिर्फ योजना नहीं, बल्कि बच्चों को बड़े सपने दिखाने वाला एक आंदोलन बन चुका है।

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