राम वन गमन पथ परियोजना जांच के घेरे में: 137 करोड़ के कार्यों में अनियमितता के आरोप, कई कामों की जांच शुरू

छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी राम वन गमन पथ परियोजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। परियोजना के तहत प्रदेश में भगवान राम के वनवास काल से जुड़े स्थलों को विकसित कर पर्यटन सर्किट के रूप में तैयार किया जा रहा है। लेकिन अब इस परियोजना में करीब 137 करोड़ रुपये के कार्यों में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद संबंधित विभागों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।



जानकारी के अनुसार परियोजना के तहत विभिन्न जिलों में बनाए गए मूर्तियों, पर्यटन स्थलों के विकास, निर्माण कार्य और सौंदर्यीकरण से जुड़े कई कामों की गुणवत्ता और लागत को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं हुआ, जबकि कई जगहों पर निर्माण कार्य अधूरा या धीमी गति से चल रहा है।
इन शिकायतों के आधार पर अब सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) और विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि परियोजना के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और क्या निर्माण कार्य तय मापदंडों के अनुसार किए गए हैं या नहीं।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद परियोजना से जुड़े कुछ विकास कार्य फिलहाल प्रभावित हुए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार की यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, इसलिए अब इस मामले की जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।




