गांव-खेती और प्रशासन का सेतु: सिवनी के रामाधीन राठौर ने भेंट किया हस्तनिर्मित कृषि उपकरण

लोकेशन — चांपा, जिला जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
रिपोर्टर — गोल्डी श्रीवास
छत्तीसगढ़ की ग्रामीण विरासत और कृषि परंपरा को सम्मान देने की अनूठी पहल के तहत, भारतीय जनता पार्टी सिवनी मंडल के महामंत्री एवं किसान रामाधीन राठौर ने चांपा में एसडीओपी यदुमणि सिदार से सौजन्य भेंट की और उन्हें अपने हाथों से तैयार किया गया लकड़ी का पारंपरिक हल सप्रेम भेंट किया।
इस मुलाकात का उद्देश्य सिर्फ शिष्टाचार भर नहीं था, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और छत्तीसगढ़ की कृषि पहचान को सम्मानपूर्वक संजोने का संदेश भी था। राठौर पेशे से फर्नीचर व्यवसायी हैं और ग्राम सिवनी में उनका कार्यस्थल है, जहाँ लकड़ी के काम से जुड़ा फर्नीचर व पारंपरिक कृषि उपकरण तैयार किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि —
“यह हल किसानों के श्रम, गांव की पहचान और हमारी कृषि संस्कृति का प्रतीक है। भेंट का उद्देश्य परंपरा को सहेजने का संदेश देना और ग्रामीण विरासत को आदरपूर्वक जीवंत रखना है।”
गौरतलब है कि इससे पहले भी राठौर द्वारा धान मिसाई में उपयोग होने वाला लकड़ी का बेलन एसडीओपी कार्यालय को भेंट किया जा चुका है, जिसे क्षेत्रीय स्तर पर सराहना मिली थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच सहयोग, विश्वास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करती है।
वहीं, एसडीओपी यदुमणि सिदार ने इस gesture के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि —
“छत्तीसगढ़ की आत्मा गांव, किसान और खेती में बसती है। ऐसे प्रयास न सिर्फ सांस्कृतिक सम्मान हैं, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ाते हैं।”
मुलाकात सौहार्द और सकारात्मक संवाद के बीच संपन्न हुई, जिसने ग्रामीण पहचान, प्रशासनिक संवेदनशीलता और पारंपरिक मूल्यों को एक सूत्र में पिरोते हुए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।




