RBI संकेत दे रहा है आगे और रेपो दर कटौती की संभावना, वृद्धि धीमी होने की आशंका के बीच अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन

आज आर्थिक मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने संकेत दिया है कि **आने वाले साल में और भी ब्याज़ दर (रेपो रेट) में कटौती का मार्ग खुला है, ताकि आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा सके। RBI की मौद्रिक नीति समिति ने पिछले बैठक में रेपो दर को 5.25% तक कम किया, जो 2025 में चौथा कटौती कदम है, और मांग को बढ़ाने तथा आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

RBI ने अपनी नई आर्थिक अनुमानों में 2025‑26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि का पूर्वानुमान 7.3% तक बढ़ाया, जबकि मूल्यस्फीति (महंगाई) अपेक्षाकृत नियंत्रण में रहने की बात कही गई है। निचली महंगाई और धीमी अर्थव्यवस्था के संकेत के बीच केंद्रीय बैंक की नीति यह स्पष्ट करती है कि वह आर्थिक मांग को सुदृढ़ करने की दिशा में तैयार है।
RBI ने यह भी कहा कि अगर दुनिया भर में आर्थिक दबाव और निर्यात‑आधारित चुनौतियाँ बनी रहती हैं, तो डेटा के आधार पर फरवरी 2026 में और उपायों पर विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही बैंकों के लिए तरलता सुनिश्चित करने हेतु ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) के ज़रिये पैसा बाजार में चलाया जाएगा, ताकि उधार सस्ता और उपलब्ध रहे।




