छत्तीसगढ़बलरामपुर

राशन दुकान संचालक की मनमानी से ग्रामीण परेशान, हटाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचेबलरामपुर।

संवाददाता दयाशंकर यादव
लोकेशन बलरामपुर

बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बघिमा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान संचालक की कथित मनमानी को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की योजना के तहत मिलने वाला राशन उन्हें न तो समय पर दिया जा रहा है और न ही निर्धारित मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है। राशन वितरण में लगातार हो रही कटौती और अनियमितताओं से परेशान होकर गांव के महिला-पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में बलरामपुर कलेक्ट्रेट पहुँचे और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पीडीएस दुकान संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि बघिमा गांव में लंबे समय से पीडीएस दुकान संचालक द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही है। हितग्राहियों के अनुसार शासन के नियमों के तहत प्रति परिवार 35 किलो चावल दिया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें केवल 25 किलो चावल ही दिया जा रहा है। वहीं जिन हितग्राहियों को 10 किलो चावल मिलना चाहिए, उन्हें मात्र 7 किलो चावल देकर वापस भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दुकान समय पर नहीं खुलती, जिससे लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं और उन्हें मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि वर्तमान पीडीएस दुकान संचालक पिछले एक दशक से अधिक समय से राशन वितरण का कार्य कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद लगातार शिकायतों के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा से नाराज़ होकर ग्रामीणों ने प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि मौजूदा पीडीएस दुकान को तत्काल निरस्त किया जाए और राशन वितरण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी जाए, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर पूरा राशन मिल सके।
वहीं इस पूरे मामले पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। अपर कलेक्टर आर.एस. लाल ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम राजपुर को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित पीडीएस दुकान संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच के आदेश के बाद ग्रामीणों को प्रशासन से राहत की उम्मीद बंधी है।

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