रेल की पटरी पर लापरवाही की रफ्तार — टी.एस. सिंहदेव ने हादसे पर कहा, ‘कितनी जानें जाएंगी तब जागेगा तंत्र?

छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बिलासपुर में हुए हालिया ट्रेन हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए रेलवे तंत्र की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने इस दुर्घटना को “घोर लापरवाही और तंत्र की नाकामी का परिणाम” बताया है।
4 नवंबर 2025 की शाम, बिलासपुर के लाल खदान क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक पैसेंजर मेमू ट्रेन ने पीछे से खड़ी मालगाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई डिब्बे पटरी से उतर गए। मौके पर यात्रियों की चीख-पुकार गूंज उठी।
अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक घायल अस्पतालों में उपचाररत हैं। राहत और बचाव कार्य देर रात तक चलता रहा।
टी.एस. सिंहदेव का बयान
पूर्व डिप्टी सीएम ने हादसे को “बेहद दर्दनाक” बताते हुए कहा —
“रेलवे की लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। हर बार जांच की बात होती है, पर नतीजा शून्य। आखिर कब तक आम जनता की जानों से खिलवाड़ होता रहेगा?”
उन्होंने केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय से इस त्रासदी की निष्पक्ष जांच की मांग की, साथ ही कहा कि “सिर्फ मुआवज़े से नहीं, जवाबदेही से ही सुधार आएगा।”
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। विपक्ष ने इसे केंद्र की नीतियों की असफलता करार दिया है, जबकि आम नागरिकों में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गुस्सा है।
रेल की पटरियाँ अब सिर्फ यात्रियों को नहीं, लापरवाही को भी ढो रही हैं। हर हादसे के बाद फाइलें चलती हैं, बयान आते हैं, लेकिन ज़िंदगी की रफ़्तार वहीं ठहर जाती है — जहाँ सिस्टम सो जाता है, और जनता रो पड़ती है..




