छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

मौत के कुएं से ज़िंदगी की वापसी: बंदर ने 20 दिन की बच्ची को कुएं में फेंका, डायपर बना जीवन रक्षक

लोकेशन जांजगीर–चांपा
रिपोर्टर गोल्डी श्रीवास

जांजगीर–चांपा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कभी-कभी छोटी-सी चीज़ भी ज़िंदगी और मौत के बीच फासला तय कर देती है।
नैला थाना क्षेत्र के ग्राम सिवनी नैला में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंदर अचानक मां की गोद से सिर्फ 20 दिन की दूधमुंही बच्ची को छीनकर सीधे कुएं में फेंक देता है।
मां की चीख-पुकार से पूरा गांव दहल उठा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और हर किसी को लगा कि अब बच्ची को बचाना नामुमकिन है।
लेकिन कहते हैं ना—
जब नियति साथ दे, तो चमत्कार भी होता है।
कुएं में गिरने के बावजूद बच्ची की जान इसलिए बच गई, क्योंकि उसने जो डायपर पहन रखा था, वही उसके लिए लाइफ जैकेट बन गया।


डायपर में फंसी हवा की वजह से बच्ची पानी में डूबने के बजाय तैरती रही।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए बाल्टी और रस्सी की मदद से कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
इसी दौरान गांव में कथा सुनने आई एक प्रशिक्षित नर्स मौके पर पहुंचीं।
उन्होंने बिना समय गंवाए बच्ची को CPR देकर प्राथमिक उपचार दिया, जिससे बच्ची की सांसें लौट सकीं।
इसके तुरंत बाद बच्ची को जांजगीर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची की हालत अब स्थिर है और वह पूरी तरह खतरे से बाहर है।
यह घटना जहां एक ओर वन्यजीवों के बढ़ते खतरे की गंभीर चेतावनी देती है,
वहीं दूसरी ओर यह भी साबित करती है कि ग्रामीणों की तत्परता, एक नर्स की मानवता और एक छोटे-से डायपर ने मिलकर एक मासूम की ज़िंदगी बचा ली।

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