बिलासपुर

NIT रिपोर्ट में देरी से ठप सड़क-मरम्मत—हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 2 हफ्ते में रिपोर्ट देने के आदेश

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ की जर्जर और खराब हो चुकी सड़कों की स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर 20 नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अदालत को बताया कि रायपुर NIT की रिपोर्ट न मिलने के कारण सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पा रहा है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि NIT रायपुर को कई बार रिमाइंडर भेजे गए—पहला 28 अक्टूबर को और दूसरा 11 नवंबर को—लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसकी कॉपी हाईकोर्ट को भी भेजी गई, जिसके बाद कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए सरकार को दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

रतनपुर में महामाया मंदिर के पास शुरू हुआ मरम्मत कार्य

सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया मंदिर के पास सड़क मरम्मत का काम 7 नवंबर से शुरू कर दिया गया है। उसकी तस्वीरें और संबंधित दस्तावेज हाईकोर्ट में जमा किए गए।

हाईकोर्ट के 10 नवंबर के आदेश के पालन में एक हजार रुपए की राशि भी रजिस्ट्री में जमा कर दी गई है।

हाईकोर्ट ने मांगी राज्य की सभी ख़स्ताहाल सड़कों की रिपोर्ट

राज्य सरकार ने अदालत से दो सप्ताह का समय माँगा है, ताकि NIT की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

याचिकाकर्ता ने बताया कि वे जल्द ही राज्य की विभिन्न जर्जर सड़कों की व्यापक रिपोर्ट हाईकोर्ट को देंगे, जिससे पता चलेगा कि किन क्षेत्रों में तुरंत सुधार की आवश्यकता है।

बिलासपुर की दरारों भरी सड़कों का मुद्दा भी उठा

सुनवाई में यह भी बताया गया कि बिलासपुर में पेंड्रीडीह से लेकर नेहरू चौक तक बनी कंक्रीट सड़क में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं।

एनएचएआई द्वारा निर्माण करवाने के बाद लगभग 15 किमी सड़क PWD को सौंप दी गई।
PWD ने कई बार मरम्मत की, लेकिन कुछ ही दिनों में सड़क फिर से दरारों से भर जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार कंक्रीट सड़क में दरार आने के बाद पूरा पैनल उखाड़कर बदलना जरूरी होता है, लेकिन जलभराव और भारी वाहनों के दबाव से यह समस्या लगातार बढ़ रही है

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button