पहली बार 91 के पार फिसला रुपया, गिरावट जारी; एक्सपर्ट्स बोले—और दबाव संभव

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। मंगलवार को रुपया इतिहास में पहली बार 91 के स्तर के पार फिसल गया। कारोबार की शुरुआत 90.79 पर हुई, लेकिन दोपहर तक यह 91.14 तक पहुंच गया। बीते 10 कारोबारी सत्रों में रुपया 90 से 91 के दायरे में आ चुका है, जबकि पिछले 5 सत्रों में करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई है।
गिरावट के बड़े कारण विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर ठोस प्रगति नहीं होना और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली रुपये पर दबाव बना रही है। कमजोर होता रुपया FPIs की बिकवाली को और तेज कर रहा है, जिससे गिरावट का दुष्चक्र बन गया है।
ट्रेड डेटा के बावजूद दबाव दिलचस्प बात यह है कि नवंबर में ट्रेड डेफिसिट घटकर 24.53 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल 31.92 अरब डॉलर था। निर्यात बढ़कर 73.99 अरब डॉलर और आयात घटकर 80.63 अरब डॉलर रहा। इसके बावजूद रुपये की कमजोरी थमी नहीं है।
आगे क्या? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर डॉलर मजबूत रहा और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही, तो रुपये पर आगे भी दबाव बना रह सकता है। 91 के ऊपर टिकाव बाजार के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।




