20 साल से अधूरी सड़क, विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहे ग्रामीण: कुरदा से कुदरी बैराज मार्ग आज भी बदहाल

बलौदा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरदा में शासकीय हाई स्कूल से कुदरी बैराज तक जाने वाला मुख्य मार्ग बीते लगभग 20 वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह मार्ग ग्रामीण क्षेत्र में होने के कारण शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों की उदासीनता का दंश झेल रहा है।
ग्रामीणों द्वारा इस अधूरे सड़क निर्माण को पूर्ण कराने और पक्की सड़क बनाए जाने की मांग को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को पत्र भेजे गए, साथ ही जन चौपाल में भी आवेदन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
जब प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) लागू हुई, तब ग्राम पंचायत कुरदा में हाई स्कूल के सामने से कुदरी बैराज तक पहुंच मार्ग निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था। योजना के तहत कुछ दूरी तक कार्य हुआ, डब्ल्यूबीएम भी डाला गया, लेकिन उसके बाद ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उदासीनता के चलते यह कार्य 15–20 वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है।

सड़क अधूरी होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना कच्चे रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। खासकर बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे स्कूली छात्र, किसान, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मनरेगा के तहत गांव में सिर्फ तालाब खुदाई और गहरीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि सड़क और पहुंच मार्ग जैसी बुनियादी जरूरतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब खुदाई कार्यों में अनियमितताओं की जांच बरसात में मुश्किल हो जाती है, इसलिए इस तरह के कार्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, जबकि सड़क निर्माण जैसे जरूरी कार्यों को टाल दिया जाता है।
इस मार्ग के पूर्ण होने से उमरेली, बालपुर, सिवनी, उच्च भिट्ठी, कोथारी, फरसवानी, महुदा, कुरदा सहित कई गांवों के लोगों को कुदरी, बसंतपुर, लछनपुर, कुलीपोटा, जांजगीर, नैला-सरखो, मदनपुर, रैनपुर, पहरिया, पंतोरा, बलौदा, सीपत और बिलासपुर जाने में बड़ी सुविधा होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क भी मजबूत होगा।
वहीं हसदेव नदी पर स्थित कुदरी बैराज और हनुमान धारा धार्मिक, दार्शनिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल हैं। प्राकृतिक हरियाली और मनमोहक वातावरण के कारण यहां दूर-दराज और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग घूमने और पिकनिक मनाने आते हैं। लेकिन सड़क अधूरी होने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से मांग की है कि हाई स्कूल कुरदा से कुदरी बैराज तक अधूरे सड़क निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराया जाए और इसे पक्की सड़क के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।




