
लोकेशन: कोरबा, दादर
रिपोर्टर: सरोज कुमार रात्रे
धान की सुरक्षा आखिर किसके जिम्मे है? कोरबा जिले में एक बार फिर धान चोरी का मामला सामने आया है… और इस बार निशाने पर रहा दादर स्थित धान खरीदी केंद्र। देर रात जब चारों तरफ़ सन्नाटा पसरा था, उसी अंधेरे का फायदा उठाकर चोरों ने धावा बोला।बताया जा रहा है कि चोर केंद्र में रखी धान की बोरियों पर हाथ साफ करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन कर्मचारियों की सतर्कता से वारदात बड़ी चोरी में बदलने से बच गई। कर्मचारियों ने हिम्मत दिखाते हुए चोरों को पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए।चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले साल भी इसी केंद्र में चोरी की वारदात हुई थी। इसके बावजूद सुरक्षा की व्यवस्था आज तक पुख्ता नहीं की गई है।


कर्मचारियों ने जब इस घटना की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को दी तो… सुरक्षा बढ़ाने के बजाय उन्हें खुले आसमान के नीचे स्टेक में सोकर धान की रखवाली करने तक का निर्देश दे दिया गया।अब बड़ा सवाल ये है कि करोड़ों के धान की सुरक्षा आखिर भगवान भरोसे क्यों छोड़ दी गई है? क्या कर्मचारियों की जान जोखिम में डालकर धान की सुरक्षा कराना ही प्रशासन का समाधान है?धान चोरी की लगातार आ रही घटनाओं के बीच सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं… और जिम्मेदार बेपरवाह नज़र आते हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में नुकसान और बड़ा हो सकता है।





