कार्रवाई या वसूली? मोटर जब्ती से सड़क पर आए नाविक

लोकेशन- शिवरीनारायण, जिला जांजगीर-चांपा/ रिपोर्टर- मुरली नायर
जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करती है…
जहां महानदी में नाव चलाकर परिवार पालने वाले गरीब नाविक आज बेरोजगार हो गए हैं…
कारण—नगर पंचायत की कार्रवाई, जिसमें उनके मोटर जब्त कर लिए गए…
लेकिन अब मामला सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं है… बल्कि स्वच्छता के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है…
शिवरीनारायण नगर पंचायत क्षेत्र में महानदी के किनारे रहने वाले कई परिवार वर्षों से मोटर बोट चलाकर अपनी आजीविका चला रहे थे…
लेकिन करीब 9 से 10 दिन पहले नगर पंचायत की टीम ने कार्रवाई करते हुए कुछ नावों के मोटर जब्त कर लिए…
इस कार्रवाई के बाद प्रभावित नाविकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है…
नाविकों का कहना है कि वे रोज कमाकर खाने वाले लोग हैं, और मोटर जब्त होने के बाद उनके घरों में चूल्हा जलाना तक मुश्किल हो गया है…
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्रवाई केवल 2-3 नाव संचालकों पर ही क्यों की गई…
जबकि उसी नदी में अन्य नावें अब भी बेखौफ संचालित हो रही हैं…
इसी बीच नाविकों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है…



उनका कहना है कि नगर पंचायत के कुछ लोग स्वच्छता के नाम पर उनकी रोजाना कमाई का करीब 20 प्रतिशत तक वसूली कर रहे हैं…
अगर ये आरोप सही हैं, तो यह सीधे तौर पर गरीबों के साथ अन्याय और शोषण का मामला बनता है…
नाविकों का कहना है
“हम लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं… मोटर जब्त हो गया तो घर चलाना मुश्किल हो गया… ऊपर से पैसे भी मांगे जा रहे हैं…”
इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर आज प्रभावित नाविकों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नगरवासी एकजुट हुए…
और नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर सीएमओ को ज्ञापन सौंपा…
ज्ञापन में उन्होंने जब्त किए गए मोटर को जल्द वापस करने और नाव संचालन की अनुमति देने की मांग की है…
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा…
क्या गरीब नाविकों को उनकी आजीविका वापस मिलेगी…
या फिर कार्रवाई और वसूली का यह खेल यूं ही चलता रहेगा…







