रायगढ़: NTPC टलाईपल्ली कोल माइंस की सुरक्षा अब CISF के हाथों में, प्रोजेक्ट में तैनाती शुरू

तारीख — 12 दिसंबर 2025
स्थान — रायगढ़, छत्तीसगढ़
रायगढ़ जिले स्थित NTPC टलाईपल्ली कोल माइनिंग प्रोजेक्ट में सुरक्षा का जिम्मा अब CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को सौंप दिया गया है। यह फैसला कोयला परियोजनाओं में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों, मशीनरी व कोयला परिवहन से जुड़े विवादों और श्रमिक-ठेका गतिविधियों की निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
🔹 कब और कहाँ हुई तैनाती?
CISF की औपचारिक तैनाती 12 दिसंबर 2025 से रायगढ़ जिले के टलाईपल्ली कोल ब्लॉक में शुरू हो गई। इस मौके पर CISF अधिकारियों और NTPC प्रबंधन ने संयुक्त निरीक्षण भी किया।
🔹 क्यों जरूरी थी CISF की तैनाती?
टलाईपल्ली कोल माइनिंग प्रोजेक्ट NTPC का महत्वपूर्ण कोयला स्रोत है, जहाँ—
भारी मशीनरी का संचालन होता है
कोयला परिवहन गतिविधियाँ लगातार चलती रहती हैं
ठेका कंपनियों के बीच कई बार विवाद दर्ज होते रहे हैं
सुरक्षा संबंधी छोटे-बड़े घटनाक्रम सामने आते रहे
ऐसे में CISF की तैनाती से—
✓ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ेगी
✓ खदान परिसर में एंट्री-एग्ज़िट को नियंत्रित किया जाएगा
✓ किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी
✓ प्रोजेक्ट के कामकाज में सुरक्षा की विश्वसनीयता बढ़ेगी
🔹 CISF क्या करेगी?
CISF जवानों को—
मुख्य गेट और चेकपोस्ट की सुरक्षा
खदान उपकरणों व स्टोरेज क्षेत्रों की निगरानी
CCTV कंट्रोल रूम संचालन
सुरक्षा नियमों का अनुपालन
आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया
की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
🔹 NTPC और CISF की प्रतिक्रिया
NTPC प्रबंधन ने CISF की तैनाती का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रोजेक्ट की सुरक्षा संरचना मजबूत होगी और कर्मचारियों तथा ठेका श्रमिकों को सुरक्षित माहौल मिलेगा।
CISF अधिकारियों ने कहा कि बल पूरी पेशेवर क्षमता के साथ सुरक्षा जिम्मेदारी निभाएगा।




