जांजगीर-चांपा

संविदा डीपीएम पर गंभीर आरोप, लिपिक संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्टर – शुभांशु मिश्रा
लोकेशन – जांजगीर-चांपा

जांजगीर-चांपा से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है…
जहां छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जिला स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ संविदा जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संघ ने प्रांताध्यक्ष रोहित तिवारी के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए डीपीएम उत्कर्ष तिवारी पर कर्मचारियों से दुर्व्यवहार, जातिगत टिप्पणी, महिला मानसिक प्रताड़ना और करोड़ों रुपये की खरीदी में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

लिपिक संघ का आरोप है कि सीएमएचओ कार्यालय जांजगीर में पदस्थ मुख्य लिपिक पी.एल. साहू के साथ डीपीएम ने सीएमएचओ की मौजूदगी में अपमानजनक व्यवहार किया और राजनीतिक रसूख का हवाला देकर धमकी दी।
यह भी आरोप है कि आरोपी डीपीएम ने स्वयं को स्वास्थ्य मंत्री का ओएसडी बनने वाला बताते हुए कर्मचारियों को डराने की कोशिश की।

संघ का कहना है कि इससे पहले भी जहां-जहां डीपीएम उत्कर्ष तिवारी की पदस्थापना रही है, वहां उनके खिलाफ विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं।
जांजगीर जिले में जातिगत गाली, महिला उत्पीड़न और करीब 6 करोड़ रुपये की सीएसआर मद से खरीदी में अनियमितता के मामले पहले से ही लंबित बताए जा रहे हैं।

लिपिक संघ ने स्पष्ट किया है कि संविदा नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में सेवा समाप्ति का प्रावधान है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने संघ प्रतिनिधियों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

हालांकि संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में लिपिक संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारी मौजूद रहे।

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