भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती के संकेत, महंगाई पर नजर; सरकार का विकास और निवेश पर फोकस

भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आज सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। सरकार और आर्थिक एजेंसियों के अनुसार, घरेलू मांग में स्थिरता, सरकारी निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के चलते आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है।
हालांकि, महंगाई दर को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। खाद्य पदार्थों और कुछ आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आम उपभोक्ता पर असर बना हुआ है। रिज़र्व बैंक की ओर से संकेत दिए गए हैं कि मुद्रास्फीति पर नियंत्रण सरकार और केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता बनी रहेगी।


इस बीच, जीएसटी संग्रह और टैक्स रेवेन्यू से जुड़े आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अर्थव्यवस्था में लेन-देन की गतिविधियां बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहा तो सरकारी राजस्व और विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी।
रुपये की स्थिति भी वैश्विक संकेतों पर निर्भर बनी हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया, जबकि विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी हुई है।
सरकार का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार सृजन पर लगातार जोर दिया जा रहा है, जिससे मध्यम और दीर्घकाल में अर्थव्यवस्था को और गति मिल सके।




