बस्तर

SIR प्रक्रिया में जल्दबाज़ी पर कांग्रेस का सवाल

शिक्षकों की ड्यूटी से ठप हो रही पढ़ाई, सरकार बढ़ाए समयावधि

जगदलपुर

जगदलपुर में कांग्रेस का सरकार पर निशाना

जगदलपुर में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान बस्तर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने राज्य सरकार पर SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि SIR (Summary Investigation Report) की प्रक्रिया के लिए निर्धारित एक महीने का समय अत्यंत कम है। नवंबर माह में किसान पूरी तरह धान कटाई के कार्य में व्यस्त रहते हैं, वहीं बड़ी संख्या में शिक्षकों को इस प्रक्रिया में बीएलओ ड्यूटी पर लगाया गया है, जिससे स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

90 प्रतिशत शिक्षक बीएलओ बनाए गए, पढ़ाई पर पड़ा असर

मौर्य ने आरोप लगाया कि जिले के कई स्कूलों में लगभग 90 प्रतिशत शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी में नियुक्त कर दिया गया है, जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ गई है।
उन्होंने कहा कि जनवरी माह में प्री-बोर्ड और प्रैक्टिकल परीक्षाएं निर्धारित हैं, लेकिन शिक्षकों की अनुपस्थिति से परीक्षा-पूर्व तैयारी पर गंभीर असर पड़ सकता है।

“सरकार शिक्षकों को SIR की ड्यूटी में लगाकर बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रही है। किसान कटाई में लगे हैं, ऐसे में एक महीने का समय बहुत कम है — सरकार को अवधि बढ़ानी चाहिए।”
— सुशील मौर्य, शहर अध्यक्ष, कांग्रेस बस्तर

किसानों और शिक्षकों दोनों पर बोझ

मौर्य ने कहा कि नवंबर माह में किसान पूरी तरह खेतों में फसल कटाई के कार्य में जुटे रहते हैं। ऐसे में SIR प्रक्रिया के लिए मात्र एक महीने का समय निर्धारित करना न तो किसानों के हित में है और न ही शिक्षकों के।
उन्होंने सरकार से मांग की कि SIR प्रक्रिया की समयावधि बढ़ाई जाए और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए ताकि शिक्षा व्यवस्था सामान्य हो सके।

हस्ताक्षर अभियान पर भी दी सफाई

प्रेसवार्ता के दौरान मौर्य ने हाल ही में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का यह अभियान जनहित में मल्टी पार्किंग निर्माण की मांग को लेकर चलाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतापदेव वार्ड की भूमि अभी भी शासकीय नजूल भूमि है और किसी समाज को आवंटित नहीं की गई है। ऐसे में कांग्रेस पर “मंदिर विरोधी” होने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

जनहित के मुद्दों पर मुखर कांग्रेस

अंत में सुशील मौर्य ने कहा कि कांग्रेस सदैव जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है। पार्टी सरकार से यह अपेक्षा करती है कि वह शिक्षकों को शिक्षण कार्य से इतर जिम्मेदारियों से मुक्त रखे और किसानों के हित में SIR प्रक्रिया की समयावधि बढ़ाने पर शीघ्र निर्णय ले।

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