



लोकेशन – सूरजपुर, छत्तीसगढ़ रिपोर्टर – सुरेन्द्र साहू।
एंकर – छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ युवकों द्वारा एक फॉरेस्ट गार्ड के साथ की गई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला सूरजपुर कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जिसने प्रशासन और पुलिस दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फॉरेस्ट गार्ड का नाम बुधराम पैकरा बताया जा रहा है, जो देवनगर बीट में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि वह 23 फरवरी को अपनी महिला मित्र के साथ देवनगर स्थित नर्सरी में बैठकर आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और दोनों को साथ देखकर आपत्ति जताने लगे। इसके बाद युवकों ने कथित तौर पर फॉरेस्ट गार्ड को जबरन अपने कब्जे में ले लिया।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि युवकों ने पहले मोबाइल फोन पर गाना चलाकर फॉरेस्ट गार्ड से डांस करने को कहा। डांस ठीक से न करने पर उसे डांटा गया और फिर उसकी महिला मित्र के सामने ही डंडे और बेल्ट से बेरहमी से पिटाई की गई। इस दौरान पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो में यह भी स्पष्ट है कि फॉरेस्ट गार्ड अपनी सरकारी वर्दी में मौजूद था, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ जाती है।
मारपीट के दौरान फॉरेस्ट गार्ड वहां मौजूद एक युवक को पहचानते हुए उसे “राजीव भईया” कहकर बचाने की गुहार लगाता हुआ भी नजर आ रहा है। इसके बाद आरोपी युवक फॉरेस्ट गार्ड को वहां से भगा देते हैं और उसकी महिला मित्र को घर भेज दिया जाता है।
इस पूरे मामले में अभी तक पीड़ित फॉरेस्ट गार्ड की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इस संबंध में प्रशांत कुमार ठाकुर, एसएसपी सूरजपुर का कहना है कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में है और यदि पीड़ित की ओर से शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग भी हरकत में आ गया है। डीएफओ डीपी साहू ने फॉरेस्ट गार्ड बुधराम पैकरा को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर पूरे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।




