स्मार्ट फाइनेंस, स्मार्ट भविष्य: गिफ्ट सिटी—भारत का उभरता वैश्विक वित्तीय केंद्र

भारत अपनी वित्तीय क्षमताओं को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) आज भारत के भविष्य के फाइनेंशियल आर्किटेक्चर का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक तकनीक के साथ यह सिटी भारत को सिंगापुर, दुबई और लंदन जैसे वित्तीय केंद्रों की सीधी प्रतिस्पर्धा में लेकर आ चुकी है।
मुख्य तथ्य एक नज़र में
GIFT IFSC में 1034+ पंजीकृत एंटिटी कार्यरत
38 बैंक, जिनका संयुक्त एसेट बेस $100.14 बिलियन
वर्तमान आकार: 1,000 एकड़, जल्द विस्तार: 3,300+ एकड़
IFSC यूनिट्स को 15 साल में 10 साल की आयकर छूट
वैश्विक फाइनेंस, फिनटेक, इंश्योरेंस, बुलियन, एसेट मैनेजमेंट का प्रमुख केंद्र
परिचय: भारत की पहली ऑपरेशनल स्मार्ट फाइनेंस सिटी
गांधीनगर, गुजरात स्थित GIFT City भारत का पहला International Financial Services Centre (IFSC) है। इसे भविष्य की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहाँ—
ऑनशोर–ऑफशोर दोनों वित्तीय गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण,
वैश्विक मानकों वाला इंफ्रास्ट्रक्चर,
आधुनिक टेक-ड्रिवन सिस्टम,
कमर्शियल, रेजिडेंशियल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर का संतुलित मिश्रण मौजूद है।
यह न केवल एक स्मार्ट सिटी है, बल्कि भारत का ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
विजन: भारत @2047 का वित्तीय गेटवे
GIFT City की कल्पना भारत को एक लीडिंग ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर बनाने के लक्ष्य के साथ की गई थी।
मुख्य उद्देश्य—
भारत में वैश्विक पूंजी का आगमन बढ़ाना
उच्च गुणवत्ता की नौकरियां सृजित करना
नवाचार और फिनटेक को नई दिशा देना
निवेशकों के लिए पारदर्शी और विश्वसनीय मार्केटप्लेस तैयार करना
GIFT City दो प्रमुख जोन में विभाजित है:
- Domestic Tariff Area (DTA)
- Multi-Services Special Economic Zone (GIFT SEZ)
गवर्नेंस: IFSC Authority (IFSCA) — एकीकृत नियामक ढांचा
IFSCA की स्थापना IFSCA Act, 2019 के तहत हुई। यह—
RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA के नियामक कार्यों को एक जगह लाता है
IFSC में सभी वित्तीय उत्पादों और सेवाओं का एकीकृत और सरल नियमन सुनिश्चित करता है
Ease of Doing Business और वैश्विक मानकों को प्राथमिकता देता है
IFSC यूनिट्स को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट रेगुलेशंस के तहत अनिवासी माना जाता है
IFSCA का यह मॉडल GIFT City को विश्व स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाता है।
इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX): भारत का गोल्ड गेटवे
जुलाई 2022 में लॉन्च IIBX भारत का पहला इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज है। प्रमुख विशेषताएँ—
गोल्ड और सिल्वर के इंपोर्ट और ट्रेडिंग के लिए आधुनिक, पारदर्शी प्लेटफॉर्म
OECD गाइडलाइंस के अनुरूप जिम्मेदार सोर्सिंग
NSE, MCX, NSDL, CDSL जैसे प्रमुख संस्थानों द्वारा प्रवर्तित
निवेश, ट्रेडिंग, क्लियरिंग और वॉल्टिंग की विश्व-स्तरीय सुविधाएँ
यह भारत के बुलियन मार्केट को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है।
फिनटेक हब के रूप में उभार
GIFT City एशिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते फिनटेक हब में शामिल हो चुका है।
विशेष Fintech Regulatory Framework (2022)
डुअल एंट्री रूट — डायरेक्ट अथॉराइज़ेशन या सैंडबॉक्स
2025 तक: 20 रजिस्टर्ड फिनटेक/टेकफिन कंपनियाँ, 8 सैंडबॉक्स यूनिट
Wipro, Infosys, Cognizant, Hexaware जैसी कंपनियाँ सक्रिय
इंटरनेशनल फिनटेक इनोवेशन एंड रिसर्च सेंटर
गुजरात सरकार + Asian Development Bank की संयुक्त पहल
सहयोगी संस्थान:
IIT गांधीनगर
अहमदाबाद यूनिवर्सिटी
UC San Diego
Plug & Play
यह केंद्र—
प्रतिभा विकास
स्टार्टअप इनक्यूबेशन
रिसर्च
क्रॉस-बॉर्डर फिनटेक सहयोग
को बढ़ावा देता है।
ग्लोबल इन-हाउस सेंटर (GICs)
IFSC में GIC वह एंटिटी है जो:
केवल वित्तीय सेवा समूहों के लिए
विदेशी मुद्रा में
वैश्विक बाजार हेतु काम करती है
IFSC (GIC) Regulations 2020 इन केंद्रों को स्पष्ट ढाँचा प्रदान करते हैं, जिससे बैंक/एनबीएफसी/इंवेस्टमेंट बैंकों की क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है।
GIFT City में बिजनेस सेटअप: कौन कर सकता है?
पात्रता:
Financial Services Group का हिस्सा होना
FATF-complaint jurisdiction से ऑपरेट करना
वित्तीय उत्पादों से जुड़ी सेवाएँ प्रदान करना
कंपनी/LLP/ब्रांच के रूप में कार्य आरंभ कर सकते हैं
एक्सचेंज कंट्रोल प्रावधानों के तहत नॉन-रेजिडेंट स्टेटस
यह मॉडल विदेशी निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के लिए GIFT City को अत्यधिक आकर्षक बनाता है।




