बाल विवाह रोकथाम को लेकर सक्ती जिले में विशेष जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों को दिए कानूनी व सुरक्षा संबंधी ज्ञान

लोकेशन – सक्ती
दिनांक – 03 दिसम्बर 2025
सक्ती जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए प्रशासन ने जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले के नेतृत्व में तैयार कार्ययोजना के तहत आज शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोरखापाली में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), जिला बाल संरक्षण इकाई और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा संबंधी कानूनों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीप्ति चटर्जी ने बच्चों को बाल विवाह के कारण, उसके दुष्परिणाम और बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों का स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है। इस अवसर पर बच्चों और शिक्षकों को “बाल विवाह मुक्त सक्ती” बनाने की शपथ भी दिलाई गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक उमाशंकर कश्यप ने किशोर न्याय अधिनियम–2015, POCSO Act 2012, साइबर सुरक्षा, ‘गुड टच–बैड टच’, बाल अधिकार, बाल श्रम और बाल विवाह के कानूनी पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1098 एक निःशुल्क आपातकालीन सेवा है, जहाँ किसी भी जरूरतमंद बच्चे की मदद के लिए चौबीसों घंटे संपर्क किया जा सकता है।
संरक्षण अधिकारी अंजना देवी ने संस्थागत देखभाल, बाल गृह, फास्टर केयर और आफ्टर केयर से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी, ताकि जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
कार्यक्रम में काउंसलर अमितेश प्रजापति, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।




