अच्छी आदतों के साथ करें साल 2026 की शुरुआत, योग-प्राणायाम को बनाएं डेली रूटीन का हिस्सा

आज साल 2025 का आखिरी दिन है। बीते 12 महीने यादों में दर्ज हो चुके हैं और अब एक नए साल की शुरुआत होने जा रही है। नए साल 2026 की शुरुआत अगर अच्छी आदतों के साथ की जाए तो इसका असर पूरे साल की सेहत पर दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार योग और प्राणायाम न सिर्फ शरीर को फिट रखते हैं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाते हैं।
क्यों बढ़ रही है भूलने की समस्या
आजकल छोटी-छोटी बातें भूल जाना आम हो गया है। चाबी कहां रखी, फोन किसे करना था या किसी का नाम याद न रहना अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रही। बच्चे, युवा और कामकाजी लोग भी इससे जूझ रहे हैं।
रिसर्च बताती है कि देश में लगभग 60 प्रतिशत लोग छह घंटे से कम नींद ले रहे हैं। नींद पूरी न होने से दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे ध्यान भटकता है और याददाश्त कमजोर होती है। इसके साथ ही मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया का बढ़ता स्क्रीन टाइम भी मानसिक थकान का बड़ा कारण बन रहा है।
योग-प्राणायाम से मिलते हैं कई फायदे
योग और प्राणायाम नियमित करने से मानसिक तनाव कम होता है। ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और शरीर में होने वाले दर्द में भी राहत मिलती है। इसके साथ ही ध्यान लगाने की क्षमता और याददाश्त में सुधार होता है।
खुश रहने से बेहतर होती है सेहत
विशेषज्ञों के मुताबिक खुश रहने से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। मानसिक रूप से प्रसन्न रहने वाले लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम भी घटता है और उम्र बढ़ने के संकेत मिलते हैं। साथ ही शरीर की हीलिंग पावर, कार्यक्षमता और इम्यूनिटी में भी सुधार होता है।
नए साल का संकल्प
जब हम साल 2025 को विदा कह रहे हैं, तो खराब नींद, ज्यादा स्क्रीन टाइम और भूलने की आदत को भी पीछे छोड़ना जरूरी है। साल 2026 की शुरुआत योग, प्राणायाम, अच्छी नींद और संतुलित जीवनशैली के साथ करें, क्योंकि बेहतर याददाश्त और स्वस्थ दिमाग ही बेहतर जीवन की नींव होते हैं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी योग अभ्यास, फिटनेस प्रोग्राम या डाइट में बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




