नवा रायपुर में बनेगी अत्याधुनिक फूड-ड्रग टेस्टिंग लैब: 46.49 करोड़ की मंजूरी, क्षमता 10 गुना बढ़ेगी

नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार खाद्य और दवा सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। राज्य कैबिनेट ने 46.49 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना को मंज़ूरी दी है, जिसके तहत एक अत्याधुनिक फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी और FDA (Food & Drugs Administration) कार्यालय का निर्माण किया जाएगा।
वर्तमान में प्रदेश की टेस्टिंग सुविधा बेहद सीमित है — सिर्फ 5,000 वर्ग फुट क्षेत्र में पुराना लेब संचालित हो रहा है, जहां सालाना मुश्किल से 500 से 800 नमूनों की जांच हो पाती है।
नई योजना के तहत बनने वाला अत्याधुनिक लेब करीब 1.5 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा। इसके शुरू होने के बाद जांच क्षमता 7,000 से 8,000 नमूनों प्रति वर्ष तक बढ़ जाएगी, यानी मौजूदा क्षमता से लगभग 10 गुना अधिक।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस आधुनिक लेब में—
हाई-एंड केमिकल और माइक्रोबायोलॉजी लैब
फूड क्वालिटी एनालिसिस यूनिट
ड्रग टेस्टिंग सेक्शन
एडवांस सैंपल स्टोरेज
ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग सिस्टम
और सर्टिफाइड वैज्ञानिकों की नई टीम
— जैसी सुविधाएं स्थापित होंगी।
नई लेब के निर्माण से बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों, नकली दवाओं और घटिया क्वालिटी वाले उत्पादों पर नकेल कसने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य-सेवाओं में सुधार होगा बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा।
सरकार का दावा है कि यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ को जन-स्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में लाएगा।




