बिलासपुर

बिलासपुर में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई — 8 वाहन जब्त, प्रशासन अलर्ट पर

बिलासपुर ज़िले में खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में अवैध खनन और अवैध परिवहन में संलिप्त 8 वाहनों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई जिले के सिरगिट्टी, सरवानी, कथा कोनी और कपसिया कला जैसे क्षेत्रों में की गई निरीक्षण मुहिम के दौरान की गई। पकड़े गए वाहनों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, हाइवा ट्रक और जेसीबी/पोकलैन मशीन शामिल हैं।

कार्रवाई का विवरण

निरीक्षण अभियान में कई स्थानों पर अवैध उत्खनन और बिना पास के परिवहन के प्रमाण मिले। विशेष रूप से पिरैया (Piraiya) क्षेत्र से एक ट्रैक्टर-टॉली, एक हाइवा ट्रक और एक जेसीबी जब्त कर उन्हें सिरगिट्टी थाना/लावर चेकपोस्ट में सुरक्षित रखा गया। वहीं कपसिया कला से चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक अन्य जेसीबी जब्त कर कोटा थाना में रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि उन वाहनों के विरुद्ध खनिज अनुशासन और संबंधित नियमों के तहत FIR/कार्रवाई दर्ज की जा रही है और आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएँ समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएँगी।

प्रशासन की टिप्पणी

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर यह निगरानी और छापेमार कार्रवाई जारी है। कलेक्टर और खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन व भण्डारण पर कट्टर कार्रवाई जारी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आगे निरीक्षण और पेट्रोलिंग बढ़ाई जा चुकी है।

जुड़ी चुनौतियाँ और कारण

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कई बार अवैध खनन नदियों के किनारे, नदी-तट के संरक्षण क्षेत्र तथा जमीन के बिना अनुमति पर होता है जिससे पर्यावरणीय क्षति होती है — जैसे कटाव (erosion), जलस्तर में बदलाव और खेती की जमीन का नुकसान।

अवैध खनन को आर्थिक-रूप से संचालित करने वाले नेटवर्क अक्सर अस्थायी भंडारण और बिना कागज़ात के परिवहन का सहारा लेते हैं, जिससे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पिछले महीनों में जिले और आस-पास के इलाकों में भी ऐसी ताबड़तोड़ कार्रवाइयाँ देखी गई हैं।

स्थानीय प्रभाव

अवैध उत्खनन से स्थानीय छोटे किसानों और मछुआरों को नुकसान उठाना पड़ता है — नदी के तल का कटाव बढ़ने से खेती की भूमि प्रभावित होती है और मछली पालन पर असर पड़ता है।

साथ ही, अवैध खनन के चलते सड़क-दुर्र्गटनाओं और अवैध संसाधन व्यापार से स्थानीय सुरक्षा-समस्याएँ भी बढ़ती हैं।

आगे की कार्रवाई क्या रहेगी?

जिले में नियमित निरीक्षण और चेक-पोस्ट्स को और कड़ा किया जाएगा। पकड़े गए वाहनों पर वैधानिक कार्रवाई के साथ चालकों व मालिकों के खिलाफ संबंधित धाराएँ लगाई जाएँगी।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि संसाधन-मानचित्रण और स्थानीय निगरानी प्रणाली (surveillance) मजबूत की जाएगी तथा आवश्यक होने पर ड्रोन/साइट-इंस्पेक्शन को भी बढ़ाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रेत और अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन की घटनाएँ समय-समय पर रिपोर्ट हुई हैं—कभी बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, तो कभी जेसीबी-पोकलेन और ट्रकों की जप्तियाँ भी हुई हैं। प्रशासन ने इन गतिविधियों पर नियंत्रण करने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई अभियान तेज किए हैं और ड्राइव लगातार जारी है।

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