
छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ सख्ती का बड़ा संकेत देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गांजा तस्करी के एक गंभीर मामले में नाबालिग आरोपी को जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। यह मामला महासमुंद जिले से जुड़ा है, जहां पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया था।

अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि मामला सामान्य अपराध नहीं बल्कि संगठित तस्करी से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। कोर्ट ने यह भी माना कि बरामद गांजे की मात्रा काफी अधिक है, जो इस अपराध की गंभीरता को दर्शाती है। इसी आधार पर अदालत ने नाबालिग होने के बावजूद आरोपी को राहत देने से इंकार कर दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाना जरूरी है, ताकि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाई जा सके। साथ ही, यह संदेश भी दिया गया कि कानून के तहत गंभीर अपराधों में उम्र के आधार पर नरमी बरतना हर बार संभव नहीं होता।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से राज्य में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को मजबूती मिलेगी और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।




